
ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। बातचीत का रास्ता खुला हुआ है, मध्यस्थ भी इस युद्ध को स्थायी तौर पर खत्म करवाने के लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ईरान और अमेरिका में किसी भी डील पर सहमति नहीं बन पा रही है! ईरान ने कहा है कि वो बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन अगर अमेरिका ने फिर से हमले शुरू किए, तो उनका करारा जवाब दिया जाएगा। इसी बीच ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबफ (Mohammad Bagher Ghalibaf) ने अमेरिका को चेतावनी दे दी है।
गालिबफ ने चेतावनी देते हुए कहा, "अगर ईरान की सुरक्षा की गारंटी नहीं दी गई, तो क्षेत्र (मिडिल ईस्ट) में कोई भी इंफ्रास्ट्रक्चर सुरक्षित नहीं रहेगा। ऐसे इलाके में जहाँ ईरान तेल नहीं बेच सकता, वहाँ कोई और भी तेल नहीं बेच पाएगा।"
गालिबफ ने साफ कर दिया कि ईरान किसी भी खतरे या दुस्साहस का तुरंत और कड़ा जवाब देगा, चाहे इसके पीछे अमेरिका हो या दूसरा कोई देश। ईरानी संसद के स्पीकर ने यह भी कहा कि उनके देश के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी करने, हवाई रास्ते बंद करने और व्यापारिक रास्तों पर दबाव डालने की अमेरिकी कोशिशें नाकाम रहेंगी।
ईरान का पक्ष शुरू से ही साफ रहा है कि वो बातचीत के लिए पूरी तरह से तैयार है और कूटनीति के ज़रिए विवाद को सुलझाना चाहता है, लेकिन अमेरिका की धमकियों और आक्रामकता के दबाव में सरेंडर नहीं करेगा। गालिबफ ने कुछ दिन पहले ही चेतावनी दी थी, "ईरान बिना किसी रोक-टोक के अपनी मर्ज़ी से कहीं भी मिसाइल अटैक कर सकता है। ईरानी संसद के स्पीकर ने साफ कर दिया है कि ईरान की मिसाइलें बिना किसी रोक-टोक के किसी भी जगह को निशाना बना सकती हैं। मौजूदा हाइब्रिड संघर्ष, जिसमें आर्थिक, सैन्य, कूटनीतिक और अन्य पहलू शामिल हैं, में ईरान कभी भी घुटने नहीं टेकेगा और न ही देश की प्रगति को रुकने देगा। ईरान पूरी ताकत के साथ किसी भी हमले का जवाब देगा, जैसा कि उसने अब तक किया है। ईरान ने हर मोर्चे पर दुश्मन को बेअसर कर दिया है।"