ईरान में जारी तनाव के बीच सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) का एक नया मैसेज सामने आया है। इस संदेश में मोजतबा ने युद्ध पीडितों की स्मृति में पौधारोपण का आह्वान किया है।
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। करीब एक महीने से यह युद्ध जारी है और इसके बावजूद अभी भी शांती के कोई आसार नजर नहीं आ रहे है। अमेरिका और इजरायल के ईरान पर लगातार हमले जारी है और ईरान भी बिना रुके जवाबी प्रतिक्रिया दे रहा है। हथियारों के युद्ध के साथ-साथ नेताओं की बयानबाजी भी लगातार जारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में ईरान के नए अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) को लेकर बयान दिया था कि या तो वह बहुत घायल है या मर गए है। इसी कड़ी में अब खामेनेई का नया संदेश सामने आया है। खामेनेई ने यह संदेश अपने देश के लोगों के नाम जारी किया है और इसमें युद्ध में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने की बात कही गई है।
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खामेनेई ने यह संदेश जारी करते हुए एक नई पहल का आह्वान किया है। यह पहल युद्ध में मारे गए लोगों की स्मृति और देश के भविष्य को हराभरा बनाने से जुड़ी है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे पौधे लगाकर शांति और समृद्धि का संदेश दें। यह बयान उस समय आया है जब ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच हालिया हमलों के कारण क्षेत्र में तनाव चरम पर है, जिससे पर्यावरण और नागरिक जीवन पर भी असर पड़ा है।
खामेनेई ने अपने संदेश में पारंपरिक सिजदह बेदर यानी नेचर डे के अवसर को खास बताते हुए कहा कि यह दिन प्रकृति से जुड़ने और उसे संरक्षित करने का प्रतीक है। यह दिन ईरान में नवरोज त्योहार के अंत में मनाया जाता है और लोग खुले में जाकर प्रकृति के बीच समय बिताते हैं। उन्होंने कहा कि इस दिन से लेकर वसंत ऋतु के अंत तक सभी शहरों और गांवों में पौधारोपण अभियान चलाया जाना चाहिए। इस पहल में सरकारी संस्थाओं के साथ आम जनता की भागीदारी भी जरूरी बताई गई है।
खामेनेई ने अमेरिका और इजरायल पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके हमलों ने न केवल लोगों की जान ली है बल्कि ईरान के पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने इन हमलों को निर्दयी बताते हुए कहा कि दुश्मनों की कोई सीमा नहीं होती और वे प्रकृति तक को नहीं बख्शते। हाल ही में हुए हमलों में तेहरान सहित कई शहरों को निशाना बनाया गया था, जिसमें वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और नागरिक मारे गए। इसके जवाब में ईरान ने मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने भी इस मुद्दे पर बयान देते हुए कहा कि ईरान किसी भी देश के लोगों से दुश्मनी नहीं रखता, बल्कि उसका विरोध केवल सरकारों की नीतियों से है। उन्होंने अमेरिका पर इजरायल के समर्थन में युद्ध में शामिल होने का आरोप लगाया। पेजेशकियन ने कहा कि ईरान ने अपने आधुनिक इतिहास में कभी आक्रामक नीति नहीं अपनाई, लेकिन उसे बार-बार बाहरी दबाव और हमलों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान की ऊर्जा सुविधाओं पर हमला करना गंभीर परिणाम ला सकता है और इसे युद्ध अपराध माना जाएगा।