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म्यांमार ट्रेनिंग कैंप केस: अमेरिका से VC के जरिए कोर्ट में पेश हुआ मैथ्यू वैनडाइक, 21 अक्टूबर को लौटेगा भारत

Matthew VanDyke: म्यांमार ट्रेनिंग कैंप केस में अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक अमेरिका से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश हुआ। NIA की चार्जशीट पर 23 अक्टूबर को सुनवाई होगी।
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Oct 01, 2026
Myanmar Training Camp
अमेरिका से कोर्ट में पेश हुआ मैथ्यू वैनडाइक (फोटो सोर्स- ANI)

Myanmar Training Camp Case: म्यांमार ट्रेनिंग कैंप केस में आरोपी अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक गुरुवार को अमेरिका से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश हुआ। वैनडाइक ने अदालत को बताया कि उसके पास 21 अक्टूबर को भारत लौटने का एयर टिकट है और वह कोर्ट में पेश होगा। मामले में छह यूक्रेनी नागरिक भी आरोपी हैं।

क्या है पूरा मामला और कौन हैं आरोपी?

यह पूरा विवाद म्यांमार में कथित तौर पर चले ट्रेनिंग कैंप से जुड़ा हुआ है। इस मामले में अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक के अलावा छह यूक्रेनी नागरिक भी नामजद आरोपी हैं। अदालत से विदेश जाने की अनुमति मिलने के बाद सभी आरोपी बीते एक महीने से अपने-अपने देशों में रह रहे हैं। फिलहाल ये सभी आरोपी डिफॉल्ट जमानत पर बाहर हैं। सुनवाई के दौरान जहां अमेरिकी नागरिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े, वहीं दूसरी ओर यूक्रेनी नागरिक वीसी के जरिए पेश नहीं हो सके। उनकी तरफ से वकील ने पेशी से छूट के लिए अदालत में औपचारिक आवेदन दायर किया।

23 अक्टूबर को चार्जशीट पर होगी बात

राउज एवेन्यू कोर्ट ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की चार्जशीट पर विचार करने के लिए अब 23 अक्टूबर की तारीख तय की है। सुनवाई के दौरान NIA की ओर से पेश हुए अधिवक्ता अमित रोहिला ने अदालत को सूचित किया कि जांच एजेंसी मामले में हुई प्रगति और पूरक चार्जशीट (Supplementary Chargesheet) की स्थिति के बारे में कोर्ट को पूरी जानकारी देगी।

क्यों पेचीदा हुआ मामला?

इससे पहले 8 सितंबर को NIA ने इस मामले में पहली चार्जशीट दाखिल की थी। खास बात यह है कि उस समय दाखिल चार्जशीट में UAPA की सख्त धाराएं नहीं लगाई गई थी, बल्कि केवल फॉरेनर्स एक्ट और इमिग्रेशन से जुड़ी धाराओं के तहत आरोप तय किए गए थे। इन अपराधों का निपटारा एफआरआरओ (FRRO) के समक्ष किया जा चुका है। चार्जशीट पेश करते वक्त जांच एजेंसी ने स्पष्ट किया था कि मामले में विस्तृत जांच अभी जारी है। अगर आगे की पड़ताल में UAPA के तहत कोई अपराध बनता है, तो पूरक चार्जशीट दायर की जाएगी।

180 दिन की हिरासत के बाद मिली थी जमानत

NIA ने मार्च 2026 में UAPA के तहत केस दर्ज करते हुए इन विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद जांच की समयसीमा को दो बार बढ़ाया भी गया, लेकिन एजेंसी निर्धारित 180 दिनों की वैधानिक अवधि के भीतर अपनी जांच पूरी नहीं कर पाई।
कानूनी प्रावधानों के तहत 180 दिन पूरे होने पर आरोपियों ने अधूरी चार्जशीट का हवाला देते हुए डिफॉल्ट जमानत की मांग की थी। अदालत ने माना कि वैधानिक अवधि में UAPA की जांच पूरी नहीं हो सकी है, जिसके आधार पर कोर्ट ने प्रत्येक आरोपी को 1 लाख रुपये के मुचलके पर डिफॉल्ट जमानत दे दी थी। अब इस मामले की अगली अहम सुनवाई 23 अक्टूबर को होगी।

Updated on:
01 Oct 2026 01:23 pm
Published on:
01 Oct 2026 12:54 pm