इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने कहा, "संयुक्त जांच दल ने कोई तथ्य पेश नहीं किया, केवल जानकारी इकट्ठा की।" कोर्ट ने कहा कि पाकिस्तान के नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (NAB) मामले में अभियोजक, भ्रष्टाचार के आरोपों को साबित करने में विफल रहा।
इस्लामाबाद हाईकोर्ट से PML-N की उपाध्यक्ष मरियम नवाज और उनके पति को बड़ी जीत मिली है। दोनों को कोर्ट ने एवेनफील्ड मामले में बरी कर दिया है। अब पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज चुनाव लड़ सकेंगी। जस्टिस आमेर फारूक और जस्टिस मोहसिन अख्तर कयानी की दो सदस्यीय पीठ ने उनकी अपील पर सुनवाई करते हुए कहा कि जांच अधिकारी की राय को सबूत के तौर पर नहीं माना जा सकता।
इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की बेटी मरियम और उनके पति मुहम्मद सफदर की अपील को स्वीकार कर लिया है। दोनों ने जुलाई 2018 में एवेनफील्ड संपत्ति मामले में एंटी करप्शन कोर्ट द्वारा दी गई सजा को चुनौती दी थी।
जस्टिस कयानी ने कहा, "संयुक्त जांच दल ने कोई तथ्य पेश नहीं किया, केवल जानकारी इकट्ठा की।" कोर्ट ने कहा कि पाकिस्तान के नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (NAB) मामले में अभियोजक, भ्रष्टाचार के आरोपों को साबित करने में विफल रहा।
दरअसल, एवेनफील्ड मामला लंदन में पार्क लेन के एवेनफील्ड हाउस में चार पॉश फ्लैटों की खरीद से जुड़ा है। ये चारों फ्लैट हाइड पार्क के पास है जो लंदन का सबसे महंगा इलाका माना जाता है। इस मामले को नवाज शरीफ का राजनीतिक करियर खत्म करने वाला भी माना जाता है। पनामा पेपर्स लीक मामले में इन संपत्तियों की जानकारी सामने आई थी। पाकिस्तान के नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (NAB) ने मरियम और उनके पति को नवाज शरीफ को अपराध के लिए उकसाने का दोषी माना था। इसी मामले में एक अकाउंटेबिलिटी कोर्ट नवाज शरीफ को 10 साल की सजा सुनाई गई थी जबकि मरियम को 7 साल और उनके पति को एक साल जेल की सजा सुनाई गई थी।