
अमेरिका का फाइटर जेट। (फाइल फोटो- IANS)
अमेरिका और ईरान के बीच चल रही तनाव भरी स्थिति में एक बड़ी खबर सामने आई है। पेंटागन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को साफ चेतावनी दी है कि ईरानी वायु रक्षा प्रणाली अब अमेरिकी लड़ाकू विमानों की उड़ान के पैटर्न को समझने लगी है। इससे आगे लड़ाकू विमानों को गिराए जाने का खतरा और बढ़ गया है।
यह जानकारी उन अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने दी है जो युद्ध की रणनीति पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ईरान ने पिछले कुछ हफ्तों में सीजफायर का फायदा उठाकर अपनी मिसाइल साइट्स को फिर से तैयार किया है, मोबाइल लॉन्चर हटाए हैं और अपनी रक्षा रणनीति को बदला है।
माना जा रहा है कि ईरानी कमांडरों ने रूस की मदद से अमेरिकी फाइटर जेट्स और बॉम्बर्स की उड़ान के तरीकों का गहराई से अध्ययन किया है। अप्रैल में एक F-15E जेट गिराए जाने और F-35 पर ग्राउंड फायर का हमला इस बात का सबूत है।
पेंटागन के एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि अमेरिकी हमलों के दौरान ईरान ने देखा कि विमान किस रूट से आते हैं, किस ऊंचाई पर उड़ते हैं और कैसे अटैक करते हैं। अब वे इन पैटर्न को भांपकर बेहतर तरीके से जवाब दे सकते हैं।
भले ही अमेरिका और इजराइल के हमलों में ईरान के नेवी, एयर फोर्स और कई सैन्य लीडर्स को भारी नुकसान पहुंचा हो, लेकिन ईरान की मिसाइल साइट्स ज्यादातर सुरक्षित बची हुई हैं। ये साइट्स गहरी पहाड़ी गुफाओं में बनी हैं, जहां से मिसाइलें निकलती हैं।
अमेरिका ने मुख्य द्वारों को तोड़ दिया था, लेकिन ईरान ने उन्हें फिर से खोद निकाला है। अधिकारियों का कहना है कि ईरानी सेना अब पहले से ज्यादा सख्त हो गई है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ईरान पर बड़े हमले की तैयारी कर ली थी, लेकिन कतर, सऊदी अरब और यूएई के नेताओं के अनुरोध पर इसे टाल दिया। ये देश मानते हैं कि ईरान के साथ न्यूक्लियर डील हो सकती है।
ट्रंप ने कहा- अगर बिना बमबारी के डील हो जाए तो अच्छा है। उधर, पेंटागन की चिंता यह है कि हर रुकावट ईरान को और मजबूत होने का मौका दे रही है। युद्ध अब तीसरे महीने में है, जबकि ट्रंप ने इसे 4-5 हफ्तों में खत्म करने की बात कही थी।
Published on:
19 May 2026 09:00 pm
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