
पुतिन व जिनपिंग । ( फोटो: ANI)
Beijing: चीन ने मंगलवार को उन मीडिया रिपोर्टों को सख्त लहजे में खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया गया था कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपने अमेरिकी समकक्ष डोनाल्ड ट्रंप के सामने यह संकेत दिया था कि व्लादिमीर पुतिन को यूक्रेन पर आक्रमण करने का "पछतावा" हो सकता है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'यह जानकारी तथ्यों से कोसों दूर है और पूरी तरह से मनगढ़ंत है।'
यह पूरा विवाद एक खोजी मीडिया रिपोर्ट के बाद शुरू हुआ। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि पिछले सप्ताह बीजिंग में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की यात्रा के दौरान दोनों वैश्विक नेताओं के बीच बेहद गोपनीय बातचीत हुई थी। अमेरिकी पक्ष के आकलन से वाकिफ सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया कि जिनपिंग ने यूक्रेन युद्ध पर बात करते हुए यह अप्रत्याशित विचार व्यक्त किया था। यदि यह सच होता, तो यह मॉस्को और बीजिंग के रिश्तों में एक बहुत बड़ा यू-टर्न माना जाता।
इस कथित लीक ने इसलिए भी ध्यान खींचा क्योंकि जो बाइडन के कार्यकाल के दौरान भी शी जिनपिंग ने कभी पुतिन या युद्ध पर अपने व्यक्तिगत विचार इस तरह सीधे साझा नहीं किए थे। हालाँकि, इस बैठक के बाद ट्रंप प्रशासन द्वारा जारी फैक्ट शीट में पुतिन या यूक्रेन युद्ध का कोई जिक्र नहीं था।
रिपोर्ट में एक और चौंकाने वाला दावा किया गया कि ट्रंप ने अमेरिका, चीन और रूस को मिलकर 'अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय' के खिलाफ काम करने का सुझाव दिया। ट्रंप प्रशासन लंबे समय से आईसीसी पर राजनीतिक पूर्वाग्रह से ग्रस्त होने का आरोप लगाता रहा है।
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब यूक्रेन युद्ध अपने चौथे वर्ष में है और पूरी तरह गतिरोध की स्थिति में है। यूक्रेन अब आधुनिक ड्रोन तकनीक के सहारे रूसी सैन्य ठिकानों और मॉस्को के करीबी इलाकों को निशाना बना रहा है। अमेरिकी कांग्रेसी ब्रेंडन बॉयल ने इसे 'युद्ध का नया रूप' बताया है। वहीं, पुतिन और शी जिनपिंग की दोस्ती 'नो लिमिट्स' पार्टनरशिप पर आधारित है, जिसे चीन अब भी बरक़रार रखने का दावा कर रहा है।
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने इस रिपोर्ट पर सख्त आपत्ति जताते हुए इसे वैश्विक मीडिया का एक 'दुष्प्रचार' बताया है। चीनी कूटनीतिज्ञों का मानना है कि यह रिपोर्ट जानबूझकर रूस और चीन के मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों में दरार डालने के लिए प्लांट की गई है, विशेषकर ऐसे समय में जब पुतिन खुद चीन के दौरे पर जाने वाले हैं।
आने वाले दिनों में इस रिपोर्ट का असर व्लादिमीर पुतिन की आगामी चीन यात्रा पर देखने को मिल सकता है। कूटनीतिक जानकार नजर बनाए हुए हैं कि क्या पुतिन और शी जिनपिंग इस सार्वजनिक खंडन के बाद अपनी बैठक में यूक्रेन मुद्दे पर कोई संयुक्त बयान जारी करते हैं या नहीं। साथ ही, व्हाइट हाउस इस लीक पर अपनी आधिकारिक प्रतिक्रिया देता है या चुप्पी साधे रहता है, यह भी देखने योग्य होगा।
बहरहाल,इस पूरी घटना का एक दूसरा पहलू यह है कि यूक्रेन अबसीधे रूस के भीतर हमले कर रहा है। राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने मॉस्को पर हुए हालिया ड्रोन हमलों को 'पूरी तरह उचित' ठहराया है। इसका मतलब है कि जहाँ एक तरफ बीजिंग और वाशिंगटन में कूटनीतिक रस्साकशी चल रही है, वहीं युद्ध के मैदान में तकनीक (ड्रोन वारफेयर) ने रूस की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, जिससे पुतिन पर दबाव वाकई बढ़ रहा है।
Updated on:
19 May 2026 08:03 pm
Published on:
19 May 2026 08:02 pm
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