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नेपाल फ्लैश फ्लड में 753 विदेशी पर्यटक लापता, इनमें 183 भारतीय, हेल्पलाइन नंबर जारी

नेपाल में भोटेकोशी नदी की विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद 183 भारतीयों समेत 753 विदेशी पर्यटकों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। भारतीय दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।
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Aug 29, 2026
Nepal Flood Rescue
नेपाल में रेस्क्यू अभियान तेज, 183 भारतीय पर्यटक लापता, photo credit: AI

Nepal Flash Flood: नेपाल पर्यटन बोर्ड (NTB) ने एक रिपोर्ट जारी कर नेपाल-तिब्बत सीमा पर भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद लापता हुए 183 भारतीयों और दुनिया भर के कुल 753 पर्यटकों के लापता होने का दावा किया है। इसके अलावा, 149 नेपाली नागरिकों के लापता होने की जानकारी दी गई है।

त्रासदी के बाद राहत और बचाव कार्य

नेपाल त्रासदी में लापता और प्रभावित भारतीयों में से अधिकांश लोग कैलाश मानसरोवर यात्रा और गोसाईंकुंड ट्रेक पर निकले थे। नेपाली सेना की एयर ऑपरेशन्स टीम ने अब तक 4,400 से अधिक लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया है। लापता विदेशी पर्यटकों में भारत के अलावा अमेरिका के 65, यूक्रेन के 61, मलेशिया के 51 और ऑस्ट्रेलिया के 35 नागरिक भी शामिल हैं। नेपाल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने मेडिकल टीमों, रेड क्रॉस और स्काउट्स के समन्वय से राहत शिविरों में दवाइयां और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने का काम तेज कर दिया है।

भारतीय दूतावास की हेल्पलाइन (Emergency Helpline Numbers)

यदि आपका कोई परिचित या परिवार का सदस्य इस यात्रा पर गया था और उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है, तो काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास द्वारा जारी इन आपातकालीन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:ये नंबर व्हाट्सऐप पर भी उपलब्ध हैं।

+977 985 131 6807
+977 970 910 7500

NTB ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरी

नेपाल पर्यटन बोर्ड (NTB) ने पर्यटकों से अत्यधिक प्रभावित क्षेत्रों जैसे रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा और चितवन की गैर-जरूरी यात्रा टालने की अपील की है। भोटेकोशी और त्रिशूली नदी कॉरिडोर में बुनियादी ढांचे और सड़कों को भारी नुकसान हुआ है। इसलिए स्थानीय प्रशासन की अनुमति के बिना आगे नहीं बढ़ने के निर्देश दिए गए हैं।

अब महामारी फैलने की आशंका

नेपाल में बीते 26 अगस्त को आई बाढ़ और भूस्खलन के बाद अब प्रभावित इलाकों में महामारी (Epidemic) फैलने का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। भीषण तबाही के कारण जल स्रोत दूषित हो गए हैं और बुनियादी स्वास्थ्य ढांचा पूरी तरह नष्ट हो चुका है, जिससे बीमारियों के फैलने की आशंका अत्यधिक बढ़ गई है। प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को पानी उबालकर पीने, क्लोरीन की गोलियों का उपयोग करने और गंदे पानी के सीधे संपर्क में आने से बचने की सलाह दी जा रही है।

Updated on:
29 Aug 2026 07:24 pm
Published on:
29 Aug 2026 07:22 pm