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Nepal Flash Floods: नेपाल में बाढ़ से अब तक 616 मौतें, 2,301 लोग रेस्क्यू; त्रिशूली में भारी बारिश के चलते बचाव अभियान रुका

Nepal Flood Death Toll: नेपाल में 26 अगस्त की विनाशकारी फ्लैश फ्लड में अब तक 616 लोगों की मौत हो चुकी है और 2,301 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। भारी बारिश के चलते त्रिशूली में बचाव अभियान रोका गया।
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Aug 29, 2026
Nepal flash flood death toll rises to 616.
नेपाल में तबाही का मंजर (Photo- ANI)

Nepal Floods: नेपाल में 26 अगस्त को ग्लेशियर टूटने के बाद आई विनाशकारी बाढ़ के बाद हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों से अब तक 616 शव बरामद किए जा चुके हैं। इस आपदा में 2,301 लोग घायल हुए हैं और उन्हें बचाया गया है। यह जानकारी नेपाल पुलिस की तरफ से दी गई है। वहीं,त्रिशूली क्षेत्र में भारी बारिश के कारण राहत और बचाव अभियान को फिलहाल रोकना पड़ा है।

नेपाल के कई जिलों में भारी तबाही

बाढ़ ने नेपाल के कई जिलों में भारी तबाही मचाई है। चितवन में सबसे ज्यादा 233 लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा नवलपरासी (पूर्व) में 158, गोरखा में 48, नवलपरासी (पश्चिम) में 47, धादिंग में 45, नुवाकोट में 41, तनहूं में 31 और रसुवा में 13 लोगों की जान गई है।

नेपाल पुलिस के अनुसार, नुवाकोट से 1,422 लोगों, रसुवा से 676 लोगों और धादिंग से तीन लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य के लिए करीब 4,811 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।

मुर्दाघरों में जगह की कमी

बाढ़ के बाद बड़ी संख्या में शव बरामद होने से नेपाल में शवों को सुरक्षित रखने की समस्या भी सामने आई है। देशभर के मुर्दाघरों में एक साथ करीब 350 शव रखने की क्षमता है, जबकि बरामद शवों की संख्या इससे कहीं अधिक है। पोखरा के अस्पतालों में भी कई जिलों से शव आने के कारण मुर्दाघरों में जगह कम पड़ने लगी है।

त्रिशूली क्षेत्र में भारी बारिश से रेस्क्यू ऑपरेशन रुका

नेपाल के त्रिशूली क्षेत्र में भारी बारिश तेज होने के कारण बचाव अभियान को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। नदी का जलस्तर बढ़ने और खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर संचालन भी रोकना पड़ा है। नदी के आसपास रहने वाले लोगों को एहतियात के तौर पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। इस बीच, नेपाल पुलिस ने बताया कि काठमांडू-मुगलिंग सड़क मार्ग पूरी तरह चालू है। हालांकि, धादिंग के बैरेनी बाजार में करीब एक किलोमीटर के हिस्से पर फिलहाल एकतरफा यातायात चल रहा है।

सुरंग में 100 से ज्यादा लोगों के फंसे होने की आशंका

नेपाल और चीन के तिब्बत इलाके में कई जगहों पर बचाव अभियान अभी भी जारी है। इनमें नेपाल के रसुवा जिले की अपर त्रिशूली-1 जलविद्युत परियोजना और चीन की ग्यिरोंग सीमा चौकी भी शामिल है। नेपाल सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल राजा राम बस्नेत ने बताया कि जलविद्युत परियोजना में बचाव कार्य जारी रहेगा। अधिकारियों को आशंका है कि 100 से ज्यादा लोग कीचड़ से भरी सुरंग में फंसे हुए हैं।

नेपाल ने भारत का आभार प्रकट किया

नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने शनिवार को भारत की ओर से दिए गए समर्थन और एकजुटता के लिए आभार जताया। उन्होंने सोशल मीडिया 'एक्स' पर पोस्ट नेपाल में जान गंवाने वाले भारतीय नागरिकों के प्रति भी शोक जताया।

उन्होंने लिखा, 'नेपाल सरकार और जनता की ओर से मैं महामहिम श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के प्रति आपकी चिंता और हाल की नेपाल की आपदा के बाद आपकी सरकार द्वारा दिए गए उदार समर्थन और एकजुटता के लिए गहरी कृतज्ञता व्यक्त करता हूं।'

एक अन्य पोस्ट में पौडेल ने लिखा, 'हम 26 अगस्त 2026 की आपदा में भारतीय नागरिकों की दुखद मौत पर भारत सरकार और वहां की जनता के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना और गहरी सहानुभूति व्यक्त करते हैं।'

Updated on:
29 Aug 2026 12:39 pm
Published on:
29 Aug 2026 12:39 pm