
कैलाश-मानसरोवर यात्रा के दौरान नेपाल में आई बाढ़ से बाल-बाल बचे आंध्र प्रदेश के 26 तीर्थयात्री (फोटो सोर्स- IANS)
Kailash Mansarovar Yatra:नेपाल में आई अचानक भीषण बाढ़ और तबाही के बीच आंध्र प्रदेश के 26 तीर्थयात्री सुरक्षित अपने घर लौट आए हैं। काठमांडू पहुंचे इन तीर्थयात्रियों को शुरुआत में चीनी वीजा के लिए तीन दिन इंतजार करना पड़ा था। जिस देरी को लेकर वे बेहद निराश थे, वही देरी आखिरकार उनके लिए वरदान साबित हुई और वे बाढ़ प्रभावित इलाके में फंसने से बच गए। घर लौटने पर सभी श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली और इसे 'भगवान शिव की कृपा' बताया है।
विशाखापत्तनम जिले के भीमूनिपटनम निवासी तीर्थयात्रियों का यह समूह 21 तारीख की रात यात्रा के लिए रवाना हुआ था। दिल्ली होकर काठमांडू पहुंचने के बाद चीनी सरकार की ओर से ग्रुप वीजा मिलने में तीन दिनों का विलंब हुआ। श्रद्धालु गाडू अलीवेनी और गाडू थतिनाइडु ने बताया कि उनके साथ आंध्र प्रदेश के 26 और पश्चिम बंगाल के 28 श्रद्धालुओं के अलावा ईशा फाउंडेशन के सदस्य भी शामिल थे। शुरुआत में जब वीजा अटका तो सब बहुत निराश थे, लेकिन जैसे ही ग्रुप वीजा मंजूर हुआ, सब झूम उठे और लगा कि बाबा भोलेनाथ ने बुलावा भेज दिया है।
विशाखापत्तनम जिला पशुधन विकास संघ के अध्यक्ष गाडू वेंकटाप्पाडू ने आपबीती साझा करते हुए बताया कि जिस समय वे काठमांडू के होटल में वीजा का इंतजार कर रहे थे, ठीक उसी समय मानसरोवर के मार्ग में भीषण बाढ़ और भूस्खलन का प्रकोप था। उन्होंने कहा कि अगर चीन की ओर से वीजा मिलने में तीन दिन की देरी न हुई होती, तो हम सभी उस समय सीधे बाढ़ वाले इलाके में फंस जाते। चीनी प्रशासन ने रास्ता बंद होने के कारण ही कागजी प्रक्रिया रोकी थी। जो देरी हमें पहले परेशान कर रही थी, वही हमारी जान बचाने की सबसे बड़ी वजह बन गई।
वीजा मिलने के अगली ही सुबह जब इलाके में तबाही की खबरें सामने आई, तो श्रद्धालुओं के होश उड़ गए। हालांकि, परिस्थितियों को देखते हुए यात्रा को रोका गया और सभी यात्रियों को सुरक्षित रास्ते से वापस उनके घर पहुंचाया गया। अपने परिवार के बीच सकुशल पहुंचे तीर्थयात्रियों के चेहरे पर एक तरफ अनहोनी से बचने की खुशी है, तो दूसरी तरफ भगवान शिव के प्रति अटूट विश्वास।
Updated on:
29 Aug 2026 11:47 am
Published on:
29 Aug 2026 11:47 am
