
Nepal flash flood: नेपाल में विनाशकारी बाढ़ की वजह से हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। बुधवार को बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,127 हो गई है। वहीं, 3,916 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। इस बीच प्रधानमंत्री बालेन शाह ने संसद में सरकार की ओर से चलाए जा रहे राहत और बचाव अभियान की जानकारी दी।
प्रधानमंत्री बालेन शाह ने कहा कि रसुवा और नुवाकोट में घटना की जानकारी मिलते ही सरकार ने अपनी टीमों को अलर्ट कर दिया था। उन्होंने बताया कि घटना सुबह करीब 8:30 बजे हुई, जिसके बाद 9:15 बजे बैठक बुलाई गई। हेलीकॉप्टरों को स्टैंडबाय पर रखा गया। सुबह 10:30 बजे तक आपातकालीन बचाव दलों को तैनाती के लिए तैयार कर लिया गया था।
बालेन शाह ने कहा कि प्रभावित इलाकों में सेना के हेलीकॉप्टरों को बचाव अभियान के लिए लगाया गया। दोपहर करीब 1 बजे स्थानीय सांसद और विधायक से संपर्क स्थापित किया जा सका।
प्रधानमंत्री बालेन शाह के मुताबिक, अब तक 11,993 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जबकि 3,916 लोग अभी भी लापता हैं। बचाव अभियान में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को प्राथमिकता दी गई। विदेशी नागरिकों की तलाश और उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए एक अलग टीम भी बनाई गई है।
सरकार ने रसुवा और नुवाकोट के लिए एक-एक करोड़ रुपए की सहायता राशि जारी की है। इसके अलावा राहत सामग्री से लदे 10 ट्रक प्रभावित क्षेत्रों में भेजे गए हैं। प्रधानमंत्री ने बताया कि सभी मंत्रियों ने अपनी एक महीने की सैलरी राहत कार्यों के लिए देने का फैसला किया है।
संसद में बोलते हुए बालेन शाह ने कहा कि यह सिर्फ रसुवा, नुवाकोट और धादिंग की त्रासदी नहीं है, बल्कि पूरे देश के लिए बड़ा आघात है। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में देश के नेतृत्व को लोगों को भरोसा और ताकत देनी चाहिए।
बालेन शाह ने कहा कि देश के नेतृत्व को आंसू नहीं, बल्कि साहस, सहयोग और भरोसा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार के पास दृढ़ संकल्प और साहस के साथ इस संकट का सामना करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
नेपाल की स्वास्थ्य मंत्री निशा मेहता ने बताया कि भारत नेपाल की सहायता कर रहा है। इसमें डीएनए जांच और डीएनए प्रबंधन के लिए प्रयोगशाला स्थापित करने में मदद भी शामिल है।