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95 टन राहत सामग्री भेजी, नेपाल बाढ़ में मदद का हाथ बढ़ाया, भारत का अब भी जारी है रेस्क्यू ऑपरेशन

Nepal flood: नेपाल में भयानक बाढ़ के बाद भारत अब भी राहत और बचाव में जुटा है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि अब तक 95 टन सामग्री भेजी जा चुकी है। लोगों को बचाने का अभियान अब भी जारी है।
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Updated: 8 Sep 2026, 7:46 PM IST
NEPAL FLOOD UPDATE
नेपाल बाढ़ में भारत बना मददगार, 95 टन राहत सामग्री के बाद अब भी जारी है रेस्क्यू ऑपरेशन (सोर्स- एक्स /@AIR)

Nepal Flood Relief: नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। कई इलाकों में हालात अब भी बेहद मुश्किल है। रहने और खाने की किल्लत है। पीड़ित लोग दर-दर भटक रहे हैं। लेकिन ऐसे समय में भारत लगातार नेपाल के साथ खड़ा है। राहत सामग्री से लेकर रेस्क्यू टीमों तक, भारत हर संभव मदद पहुंचा रहा है। अब विदेश मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि जरूरत के हिसाब से यह मदद आगे भी जारी रहेगी।

95 टन राहत सामग्री लेकर पहुंचा भारत

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भारत की मदद को लेकर बड़ा अपडेट दिया। उन्होंने बताया कि भारत अब तक सात एयरक्राफ्ट के जरिए 95 टन राहत सामग्री नेपाल भेज चुका है। आने वाले समय में और सामग्री भी भेजी जाएगी।

भारत ने सिर्फ राहत सामग्री ही नहीं भेजी है। बचाव अभियान में मदद के लिए खास टीमें भी नेपाल पहुंची हैं। इनमें फोरेंसिक टीम और टनल रेस्क्यू टीम शामिल हैं। दोनों टीमें जमीन पर काम कर रही हैं। जायसवाल ने कहा कि भारत नेपाल का करीबी दोस्त और पड़ोसी है। इसलिए संकट की इस घड़ी में भारत उसकी मदद करता रहेगा। राहत, बचाव और आगे के पुनर्निर्माण में भी सहयोग जारी रहेगा।

1200 DNA सैंपल पर काम कर रही फोरेंसिक टीम

नेपाल में लापता लोगों की पहचान का काम भी तेजी से चल रहा है। भारतीय फोरेंसिक टीम काठमांडू की दो लैब में काम कर रही है। टीम करीब 1200 DNA सैंपल की जांच कर रही है। इसका मकसद लापता लोगों की पहचान में मदद करना है। खासकर उन परिवारों के लिए यह काम बेहद अहम है, जो अब भी अपने लोगों की खबर का इंतजार कर रहे हैं।

MEA के मुताबिक, इस आपदा में 275 भारतीय नागरिक लापता बताए गए हैं। इनमें चीन की तरफ से लापता हुए 49 भारतीय भी शामिल हैं। अब तक 169 भारतीय नागरिकों को बचाया जा चुका है।

24x7 कंट्रोल रूम से भारतीयों पर नजर

भारत सरकार ने नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों की मदद के लिए 24 घंटे कंट्रोल रूम भी बनाए हैं। भारत के अलावा काठमांडू और बीजिंग में भी कंट्रोल रूम सक्रिय हैं। इनके जरिए लापता और प्रभावित भारतीयों की जानकारी जुटाई जा रही है। जरूरतमंद लोगों तक मदद पहुंचाने की कोशिश हो रही है। सरकार का कहना है कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और भलाई उसकी प्राथमिकता है।

बता दें नेपाल के रसुवा में 26 अगस्त को अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी नुकसान पहुंचाया था। बाढ़ चीन के तिब्बती इलाके से आई और ट्रांसबाउंड्री भोटे कोशी नदी में फैल गई। इससे नेपाल के कई हिस्सों में भारी तबाही हुई। इस मुश्किल समय में भारत ने एक बार फिर अपने पड़ोसी का साथ दिया है। MEA ने भरोसा दिलाया है कि नेपाल को उसकी जरूरत के मुताबिक मदद मिलती रहेगी।

Updated on:
8 Sep 2026, 7:46 PM IST
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