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भारत से किया वादा पूरा करेंगे- रूस ने S-400 की डिलीवरी पर दिया बड़ा बयान

India-Russia Defence Deal: भारत को S-400 की बची हुई डिलीवरी पर रूस ने बड़ा बयान दिया है। डिफेंस डील को लेकर रसिया ने कहा कि भारत से किया हर एक वादा पूरा करेंगे।
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भारत

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Saurabh Mall

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Updated: 8 Sep 2026, 6:36 PM IST

India-Russia Defence Deal

PM मोदी-राष्ट्रपति पुतिन की बैठक में S-400 पर होगी बात। रूस ने दिया बड़ा अपडेट। (सोर्स- ANI)

Russia S-400 Delivery to India: भारत और रूस के रक्षा संबंधों को लेकर एक बार फिर बड़ी खबर सामने आई है। रूस ने S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की बाकी डिलीवरी को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है। क्रेमलिन ने कहा है कि भारत के साथ किए गए रक्षा समझौतों को पूरा किया जाएगा। S-400 की बची हुई डिलीवरी भी इसी कमिटमेंट का हिस्सा है। खास बात यह है कि इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बातचीत में चर्चा हो सकती है।

S-400 की बाकी डिलीवरी पर रूस का भरोसा

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने मंगलवार को S-400 को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि रूस अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने में सक्षम है। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि इन जिम्मेदारियों को पूरा किया जाएगा। पेसकोव ने यह बात भारतीय मीडिया से बातचीत के दौरान कही। उन्होंने बताया कि S-400 की डिलीवरी का मुद्दा दोनों देशों के नेताओं की बातचीत में शामिल है।

बता दें भारत ने 2018 में रूस के साथ करीब 5.43 अरब डॉलर का समझौता किया था। इसके तहत भारत को पांच S-400 एयर डिफेंस सिस्टम मिलने थे। इनमें से बाकी दो सिस्टम की डिलीवरी 2026 में पूरी होने की उम्मीद है।

भारत ने बढ़ाया रूस से रक्षा सहयोग

भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग सिर्फ S-400 तक सीमित नहीं है। दोनों देश लंबे समय से कई अहम रक्षा परियोजनाओं पर साथ काम कर रहे हैं। 27 मार्च को डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल ने रूस से अतिरिक्त S-400 सिस्टम खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके साथ ही भारतीय वायुसेना के लिए कई दूसरे रक्षा प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली।

इनमें मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट की खरीद शामिल है। इसका उद्देश्य पुराने AN-32 और IL-76 विमानों की जगह आधुनिक विमान शामिल करना है। इससे भारतीय सेनाओं की रणनीतिक और ऑपरेशनल एयरलिफ्ट क्षमता मजबूत होने की उम्मीद है। इसके अलावा Su-30 विमानों के एयरो इंजन और दूसरे एग्रीगेट्स के ओवरहॉल को भी मंजूरी दी गई है।

ब्रह्मोस (BrahMos) को और ताकतवर बनाने की तैयारी

रूस ने ब्रह्मोस (BrahMos) मिसाइल प्रोग्राम को लेकर भी बड़ा संकेत दिया है। पेसकोव ने कहा कि भारत और रूस को अब इस सिस्टम को और बेहतर बनाने पर ध्यान देना चाहिए। दोनों देश BrahMos मिसाइल का संयुक्त उत्पादन करते हैं। रूस का मानना है कि इसमें नई क्षमताएं जोड़ी जा सकती हैं। इससे इसकी प्रभावशीलता बढ़ेगी। साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी प्रतिस्पर्धा भी मजबूत हो सकती है। पेसकोव ने कहा कि भारत और रूस अब सिर्फ हथियार खरीदने और बेचने तक सीमित नहीं हैं। दोनों देश मिलकर रक्षा उपकरण बना रहे हैं।

उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पुतिन की भारत यात्रा के दौरान सैन्य सहयोग अहम मुद्दा रहेगा। हालांकि, रक्षा मामलों की संवेदनशीलता को देखते हुए बातचीत की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाएगी। बता दें पुतिन नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को होने वाले 18वें BRICS समिट में हिस्सा लेंगे। इस दौरान दोनों राष्ट्राध्यक्षों के बीच डिफेंस डील की चर्चा हो सकती है।