
ब्रिटेन के विदेश मंत्री एड मिलिबैंड (फोटो- X@Ed Miliband )
UK France on Israeli Settlements: ब्रिटेन और फ्रांस ने कब्जे वाले फिलिस्तीनी इलाकों में मौजूद इजरायली बस्तियों के खिलाफ अपना रुख कड़ा कर लिया है। ब्रिटिश विदेश मंत्री एड मिलिबैंड ने संसद में इजरायली बस्तियों से आने वाले सामान के आयात पर रोक लगाने की घोषणा की, जबकि फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट ने कहा कि फ्रांस कब्जे वाले फिलिस्तीनी इलाकों में इजरायली बस्तियों के साथ व्यापार बंद कर देगा।
एड मिलिबैंड ने ब्रिटिश हाउस ऑफ कॉमन्स को बताया कि ब्रिटेन अब वेस्ट बैंक में इजराइली बस्तियों से आने वाले सामान के आयात पर रोक लगाएगा। उन्होंने कहा कि इन बस्तियों के विस्तार का विरोध करने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए। मिलिबैंड ने कहा कि ब्रिटेन प्रतिबंधों की एक व्यवस्था लागू करेगा, जिसमें धार्मिक आधार पर उचित छूट के प्रावधान भी शामिल होंगे। एड मिलिबैंड ने वेस्ट बैंक पर इजराइल के कब्ज़े को पूरी तरह से अवैध बताया। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश नागरिक नहीं चाहेंगे कि उनकी दुकानों में अवैध बस्तियों से आए उत्पादों की बिक्री से इस कब्जे को बढ़ावा मिले।
मिलिबैंड ने उन लोगों और संस्थाओं को भी चेतावनी दी जो अवैध बस्तियों को सुविधाएं या सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों और संस्थाओं को ब्रिटेन के कड़े प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा। ब्रिटेन ने वेस्ट बैंक में अवैध बस्तियों के विज्ञापनों पर भी रोक लगाने की घोषणा की है। मिलिबैंड ने यह भी स्पष्ट किया कि ये बैन इजरायल पर नहीं है, बल्कि यह अवैध बस्तियों और उनके विस्तार पर टारगेट हैं।
ब्रिटिश विदेश मंत्री ने वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनियों की स्थिति को लेकर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश सरकार का मानना है कि वेस्ट बैंक के कुछ इलाकों में फिलिस्तीनियों का 'जातीय सफाया' हो रहा है। मिलिबैंड ने आरोप लगाया कि चरमपंथी फिलिस्तीनियों को उनकी जमीन से बेदखल करने की कोशिश कर रहे हैं और इजराइली सरकार ने आंखें बंद कर ली है।
वहीं, फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर घोषणा की कि फ्रांस फिलिस्तीनी इलाकों में स्थित इजराइली बस्तियों के साथ व्यापार बंद कर देगा। बैरोट ने कहा कि वेस्ट बैंक में स्थिति गंभीर हो गई है। बस्तियों के विस्तार को उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया। उन्होंने कहा कि यह स्थिति फिलिस्तीनी लोगों की गरिमा को कम करती है और 'दो-राष्ट्र समाधान' को खतरे में डालती है।
फ्रांस के विदेश मंत्री ने आगे कहा कि क्षेत्र में शांति के लिए इजराइल की सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है। बैरोट ने हमास द्वारा 7 अक्टूबर, 2023 को किए गए हमले का भी जिक्र किया और इसे इजराइल और यहूदी समुदाय के लिए एक बड़ी त्रासदी बताया। उन्होंने इजराइली अधिकारियों से अवैध बस्तियों के विस्तार और उससे जुड़ी हिंसा को रोकने का आग्रह किया।
Updated on:
8 Sep 2026, 7:51 PM IST
Published on:
8 Sep 2026, 7:51 PM IST
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