
Nepal Flood 2026: नेपाल बाढ़ में 11 दिन बाद 64 वर्षीय महिला जिंदा मिली (फोटो सोर्स:@Nepal Police)
Nepal Flash Flood: नेपाल में पिछले 12 दिन से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। बचाव दल कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए लापता लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं। बीते रविवार को बचाव दल ने चार लोगों को बचाया। आपदा में अब तक 1385 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 5500 से अधिक लोग लापता हैं। लापता और मरने वालों में भारतीय नागरिकों की संख्या भी सौ के पार है।
जानकारी के अनुसार, रविवार को बचावकर्मियों ने दो और लोगों को जीवित खोज निकाला, जो एक दिन पहले बचाए गए दो लोगों के साथ मिलकर जीवित बचने की चमत्कारिक कहानियां बन गई हैं। तीन लोगों को जलविद्युत सुरंग के पास बचाया गया। नेपाल सरकार ने कहा था कि उन्हें विश्वास है कि 100 से अधिक श्रमिक जीवित हो सकते हैं।
नेपाल के ऊर्जा मंत्री बिराज भक्त श्रेष्ठ ने मीडिया एजेंसी AFP को बताया कि भौगोलिक चुनौतियों, प्रतिकूल मौसम और संपर्क की कमी के बावजूद सुरंगों में तलाशी और बचाव अभियान जारी है। उन्होंने कहा कि बचाव दल को रोजाना कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
नेपाल में संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने सहायता के लिए भावुक अपील की और कहा कि विनाशकारी बाढ़ से बचे लोगों का जीवन महज एक से दो मिनट में बदल गया। संयुक्त राष्ट्र निवासी समन्वयक लीला पीटर्स याहिया ने रविवार को कहा कि आप अपना घर खो देते हैं, अपनी आजीविका खो देते हैं, अपने प्रियजन को खो देते हैं और अपने परिवार के कमाने वाले सदस्य को भी खो देते हैं।
शनिवार को बचावकर्मियों ने एक जलविद्युत सुरंग की गहराई से एक चीनी नागरिक को जीवित बाहर निकाला। वहीं 64 वर्षीय नेपाली महिला चंद्रिका श्रेष्ठ को उनके मलबे में दबे घर से बचाया गया। प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने कहा कि चंद्रिका श्रेष्ठ को बचाए जाने से पूरे देश को उम्मीद मिली है। इससे एक दिन पहले, त्रिशूली 3ए सुरंग में दो नेपाली जलविद्युत श्रमिकों को बचाया गया था, जहां कई अन्य स्थलों के साथ-साथ खोज अभियान जारी है। इस आपदा से कम से कम 12 जलविद्युत परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं।
नेपाल में आई इस आपदा के बीच कई कहानियां भी सामने आई हैं। एक स्कूल के प्रिंसिपल राजेंद्र दावाड़ी ने बाढ़ आने की सूचना मिलते ही तुरंत स्कूल को खाली कराया और सैकड़ों छात्रों को लेकर ऊंचाई वाले इलाके में सुरक्षित तरीके से चले गए। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि अगर सूचना गलत होती, तो हमारा एक दिन का स्कूल छूट जाता। लेकिन अगर वह सही होती, तो हम अपनी जान गंवा देते।
चीनी सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, तिब्बत में इस आपदा से मरने वालों की संख्या 31 से बढ़कर 43 हो गई है। एजेंसी ने बताया कि इसके अलावा 519 लोग अब भी लापता हैं।
Updated on:
07 Sept 2026 09:38 am
Published on:
07 Sept 2026 09:34 am
