
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज। (फाइल फोटो- ANI)
Iran Hormuz Strait: हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब समुद्री रास्तों की नई जंग में बदलता दिखाई दे रहा है। तेहरान ने आने वाले दिनों में जलडमरूमध्य के बाहर एक प्रतिबंधित समुद्री क्षेत्र घोषित करने का ऐलान किया है। इसके साथ ही ईरान और ओमान एक नए शिपिंग कॉरिडोर पर समझौते को अंतिम रूप देने की तैयारी में हैं। यह कदम ऐसे समय उठाया जा रहा है, जब अमेरिकी हमलों और ईरानी जवाबी कार्रवाई से क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है।
अलजजीरा के X पर दिए गए अपडेट के अनुसार, ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसेन रजाई ने कहा है कि तेहरान जल्द ही स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के बाहर एक नया ‘रिस्ट्रिक्टेड जोन’ घोषित करेगा। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक इसकी शुरुआत उस सीमा से होगी जहां इस समय अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी मौजूद है। इस क्षेत्र में प्रवेश करने वाले किसी भी जहाज को ईरान की प्रतिबंध सूची में डालने की चेतावनी दी गई है। यह जानकारी ईरानी राज्य मीडिया के हवाले से सामने आई है।
रजाई ने यह भी बताया कि ईरान और ओमान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले एक नए शिपिंग रूट के नक्शे तैयार कर लिए हैं। दोनों देशों के बीच इस व्यवस्था को लेकर समझौते पर आने वाले दिनों में हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। प्रस्तावित कॉरिडोर के प्रवेश और निकास बिंदुओं पर ईरान का नियंत्रण रहेगा। इससे संकेत मिलता है कि तेहरान जलडमरूमध्य को पूरी तरह खुला छोड़ने के बजाय नियंत्रित समुद्री आवाजाही का मॉडल तैयार करना चाहता है।
इससे पहले भी ईरान और ओमान के बीच हॉर्मुज के लिए अस्थायी समुद्री मार्ग को लेकर सहमति की खबर सामने आई थी। ईरान ने संकेत दिया था कि जलडमरूमध्य को सामान्य रूप से खोलने का फैसला केवल व्यापक राजनीतिक और सैन्य शर्तों के पूरा होने पर किया जाएगा।
यह घोषणा अमेरिका द्वारा तीन ईरानी तेल टैंकरों पर हमले के बाद आई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, कार्रवाई ईरानी बलों द्वारा अमेरिकी युद्धपोतों को निशाना बनाए जाने के जवाब में की गई थी। इसके बाद ईरान की ओर से भी अमेरिकी और अन्य संबंधित जहाजों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की खबरें सामने आईं। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने आगे किसी हमले की स्थिति में और ज्यादा तेज तथा कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। हालिया संघर्ष के कारण यहां से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों की संख्या तेजी से घटी है। Reuters के मुताबिक पिछले 10 दिनों में जलडमरूमध्य से रोजाना औसतन करीब 10 कमोडिटी जहाज गुजरे, जो मई के बाद सबसे निचला स्तर है।
इसका असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी दिखाई दे रहा है। सोमवार को ब्रेंट क्रूड करीब 96.80 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जबकि अमेरिकी WTI करीब 92.14 डॉलर पर रहा। विशेषज्ञों की नजर अब इस बात पर है कि ईरान का नया समुद्री क्षेत्र और ओमान के साथ प्रस्तावित कॉरिडोर खाड़ी में व्यापारिक जहाजों की आवाजाही को स्थिर करता है या तनाव को और बढ़ाता है।
सोर्स: @aljazeera.com
Updated on:
7 Sep 2026, 6:38 AM IST
Published on:
7 Sep 2026, 6:28 AM IST
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