
नेपाल में बाढ़ से तबाही के बाद अब टूरिज्म पर संकट (फोटो सोर्स- Nepali Army/ANI Video Grab)
Gorkha Flood Update: नेपाल के गोरखा जिले में थेरांग नदी में उफान आने से 4 घर और एक सस्पेंशन ब्रिज बाढ़ में बह गए। देश में जारी प्राकृतिक आपदा के कारण पीक टूरिज्म सीजन (सितंबर-नवंबर) में होटल और ट्रैवल बुकिंग्स रद्द हो रही हैं, जिससे पर्यटन उद्योग को बड़ा नुकसान झेलना पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर, नेपाल बाढ़ से जोड़कर सोशल मीडिया पर भारतीयों के खिलाफ की गई नस्लभेदी टिप्पणियों की सिंगापुर के गृह मंत्री के. शनमुगम ने सख्त लहजे में निंदा की है।
नेपाल के गोरखा जिले में थेरांग नदी के उफान पर आने से 4 घर और एक सस्पेंशन ब्रिज बह गए। हालांकि लोगों के समय रहते सुरक्षित निकलने से कोई हताहत नहीं हुआ। प्रशासन ने बूढ़ीगंडकी नदी बेसिन में सतर्कता का अलर्ट जारी किया है।
विनाशकारी बाढ़ में अब तक 1,344 शव मिल चुके हैं और करीब 5,000 लोग लापता हैं। इस तबाही से सितंबर-नवंबर के पीक टूरिज्म सीजन में होटल और ट्रैवल बुकिंग्स तेजी से रद्द हो रही हैं। पर्यटन को उबारने के लिए सरकार ने 'नेपाल कॉलिंग' कैंपेन शुरू कर संदेश दिया है कि काठमांडू, पोखरा और चितवन पूरी तरह सुरक्षित हैं।
राहत और बचाव के लिए रसुवा में यूएई की टीम तैनात है। नेपाल पुलिस ने बाढ़ से मिले कीमती सामान या नकदी को अपने पास रखने या बेचने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। आपदा से लगभग 400 अरब नेपाली रुपए के नुकसान का अनुमान है और अगले 6 महीनों में 8 अरब रुपए की तत्काल जरूरत है।
नेपाल आपदा के संदर्भ में सोशल मीडिया पर भारतीयों और लापता नागरिकों को निशाना बनाकर की गई नस्लभेदी टिप्पणियों पर सिंगापुर के गृह मंत्री के. शनमुगम ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने इसे शर्मनाक और अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि पुलिस ऐसी भद्दी पोस्ट्स की जांच कर रही है।
नेपाल में बाढ़ के बाद चिलिमे टनल में फंसे लोगों की तलाश के लिए भारत और नेपाल की संयुक्त तकनीकी टीम लगातार काम कर रही है। भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने बताया कि टनल तक पहुंच का रास्ता बेहद मुश्किल है। वहां कीचड़, पानी और भारी मलबा जमा है, फिर भी बचाव दल अंदर लगातार आगे बढ़ रहा है। टीम ने स्याफ्रुबेसी से टनल तक रस्सी के जरिए कनेक्टिविटी बनाने का काम भी शुरू कर दिया है। वहीं, टनल तक अस्थायी सड़क बनाने का काम जारी है और करीब 950 मीटर रास्ते से मलबा हटाया जा चुका है।
रेस्क्यू टीम ने टनल के अंदर जमा पानी, कीचड़ और मलबा हटाया है, जिससे भारी मशीनों को अंदर तक ले जाने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही स्याफ्रुबेसी से टनल के प्रवेश द्वार तक पहुंच मार्ग तैयार किया जा रहा है। भारत ने नेपाल में राहत और बचाव अभियान के लिए अब तक सात विमानों के जरिए करीब 95 टन राहत सामग्री और 54 कर्मी भेजे हैं। भारत की टीमें मुश्किल हालात के बावजूद नेपाल में राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
Updated on:
07 Sept 2026 08:31 am
Published on:
07 Sept 2026 08:30 am
