
Nepal Flood Rescue News : काठमांडू। नेपाल में रासुवा बाढ़ के 11वें दिन शनिवार को राहत और बचाव अभियान के दौरान दो ऐसे रेस्क्यू हुए, जिन्होंने उम्मीद जगा दी। नुवाकोट के बेत्रावती में चार मंजिला मकान के मलबे में दबे 55 वर्षीय चंडिका श्रेष्ठ को 11 दिन बाद जिंदा बाहर निकाला गया। वहीं, अपर त्रिशूली-1 जलविद्युत परियोजना की सुरंग में फंसे एक चीनी नागरिक को भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
नेपाली सेना के प्रवक्ता राजाराम बस्नेत ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि नेपाली सेना और विदेशी बचाव दल के संयुक्त अभियान के तहत चीनी नागरिक लुहाइताओ को सुरंग के करीब 225 मीटर अंदर से ढूंढ निकाला गया। रेस्क्यू के तुरंत बाद उन्हें चिकित्सीय देखभाल के लिए अस्पताल भेजा गया है, जहां उनकी जांच की जा रही है। जलविद्युत परियोजना स्थल पर अभी भी अन्य लोगों की तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
बिदुर नगरपालिका के वार्ड नंबर 10 स्थित बेत्रावती में आनंद श्रेष्ठ के चार मंजिला मकान का एक हिस्सा भूस्खलन के मलबे में दब गया था। शनिवार को सुरक्षाकर्मियों को मकान के अंदर से किसी व्यक्ति के आवाज करने की सूचना मिली। इसके बाद सशस्त्र पुलिस बल की टीम मौके पर पहुंची और मलबा हटाकर तलाशी अभियान शुरू किया।
सशस्त्र पुलिस निरीक्षक सुमन बिक के नेतृत्व में टीम ने करीब 11 दिन बाद 60 वर्षीय चंडिका श्रेष्ठ को जिंदा बाहर निकाल लिया। रेस्क्यू के तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें पानी पिलाया, जिसे उन्होंने खुद पीया। सशस्त्र पुलिस के डीएसपी शैलेंद्र थापा ने बताया कि चंडिका बोलने की स्थिति में हैं। उन्हें आगे के इलाज के लिए हेलीकॉप्टर से काठमांडू ले जाने की तैयारी की जा रही है।
बता दें आपदा के दसवें दिन शुक्रवार को त्रिशूली-3ए हाइड्रोपावर परियोजना की टनल से संजय साह और कबीर महारजन को जिंदा बाहर निकाला गया। दोनों करीब 170 मीटर अंदर फंसे थे। संजय ने बताया कि टनल में फंसे रहने के दौरान वह नौ दिन तक मन ही मन 'हरे कृष्ण' महामंत्र का जाप करते रहे। बचाव दल को दोनों की मौजूदगी का पता चलने के बाद मलबा हटाने का काम तेज किया गया और आखिरकार उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। लगातार दो दिनों तक सुरंगों और मकानों के मलबे से लोगों के जिंदा मिलने से रासुवा बाढ़ के बाद चल रहे राहत एवं बचाव अभियान को नई उम्मीद मिली है।