
Nepal Flood Story:नेपाल में आई अचानक बाढ़ ने कुछ ही घंटों में जिंदगी बदल दी। जहां कल तक घर थे, वहां अब मलबा है। दुकानें थीं, वहां कीचड़ और टूटी चीजें पड़ी हैं। सड़कें और पुल सब बह गए। लोग अपनी जान बचाकर सुरक्षित जगहों पर पहुंचे। कई परिवार अब दूसरों के घरों में रहने को मजबूर हैं।
सबसे ज्यादा तबाही त्रिशूली इलाके में देखने को मिली। हालांकि बाढ़ के बीच एक हरे रंग का दो मंजिला घर लगभग सुरक्षित खड़ा दिखाई दिया। जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग घर को लेकर खूब बढ़ाई कर रहे हैं। खासकर मकान बनाने वाले इंजीनियर और ठेकेदार की। कुछ ने तो यहां तक लिख दिया कि इसे नेपाल का सबसे बेस्ट और मजबूत घर घोषित कर देना चाहिए। इसे नेपाल रत्न से नवाजा जाना चाहिए। ऐसे ही ढेरों कमेंट सोशल मीडिया पर लोग कर रहे हैं।
इस बीच एक स्थानीय महिला फुलमाया लामा ने बताया कि बाढ़ से पहले लोग अपनी सामान्य जिंदगी जी रहे थे। उनकी कपड़ों की दुकान थी। उन्होंने दुकान खोली और सफाई की। तभी उन्हें तिब्बत में ग्लेशियल झील फटने की जानकारी मिली। लोगों को तुरंत सतर्क किया गया। पुलिस ने लाउडस्पीकर से चेतावनी दी। लोगों से सुरक्षित जगह जाने को कहा गया। लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि पानी इतनी तेजी से पहुंचेगा।
लामा ने बताया कि देखते ही देखते पानी और मलबा उनकी तरफ आने लगा। पानी इतना ऊंचा था कि देखकर लोगों के होश उड़ गए। बुजुर्ग, बच्चे और परिवार जान बचाने के लिए भागने लगे। लोगों को चेतावनी देने वाली पुलिस की गाड़ी तक बाढ़ में बह गई।
लामा का अपना घर भी नहीं बचा। उनका परिवार छह दिनों से किसी दूसरे के घर में रह रहा है। खाने और रहने का भी कोई पक्का इंतजाम नहीं है। वो कई दिन से भूखी हैं।
लामा के मुताबिक, इलाके के कई लोग अब भी लापता हैं। उनके घर के पास एक महिला और उसका बेटा गायब हैं। एक होटल से भाई-बहन का भी पता नहीं है। एक बुजुर्ग भी लापता हैं।
एक अन्य स्थानीय व्यक्ति ने अपनी हालत बताते हुए कहा कि लौटकर देखा तो वहां कुछ भी नहीं बचा था। उनका घर और दुकान दोनों बह चुके थे। जिस दुकान से उनका परिवार चलता था, उसका भी कोई निशान नहीं है। उन्होंने बताया कि हेलीकॉप्टर से उन्हें सुरक्षित निकाला गया था। लेकिन वापस आने पर तबाही का मंजर देखकर वे टूट गए।
एक अन्य महिला ने बताया कि उन्होंने अपनी जिंदगी में पहली बार इतनी भयानक बाढ़ देखी। उन्हें अब तक राहत नहीं मिली है। वह किसी और के घर में रहने को मजबूर हैं।
वहीं एक अन्य बाढ़ पीड़ित प्रकाश तमांग के लिए सबसे बड़ी राहत यह रही कि उनके दोनों बच्चे सुरक्षित हैं। जिस दिन बाढ़ आई, उन्होंने बच्चों को स्कूल बस से भेजने के बजाय खुद कार से स्कूल पहुंचाया था। कुछ ही समय बाद बाढ़ ने इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। तमांग का घर पूरी तरह बह गया। उन्होंने परिवार को काठमांडू भेज दिया। अब वह वापस आकर नुकसान का जायजा ले रहे हैं।
एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि उसने अपने 40 साल इसी इलाके में बिताए हैं। बाढ़ से पहले मोबाइल पर चेतावनी संदेश भी आया था। चीन और स्थानीय दोस्तों की तरफ से भी लोगों को फोन किए गए। लेकिन लोगों को भरोसा था कि नदी घर से काफी दूर है। किसी ने नहीं सोचा था कि पानी पूरा बाजार बहा ले जाएगा।
बता दें नेपाल में राहत और बचाव अभियान जारी है। हजारों लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी राहत कार्य में जुटे हैं। अब तक 919 लोगों की जान जा चुकी है। 4200 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं।