
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान (फोटो - @narendramodi/एक्स)
PM Modi Masoud Pezeshkian Meeting: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से मुलाकात की है। दोनों नेताओं की यह मुलाकात शंघाई सहयोग संगठन के 26वें शिखर सम्मेलन से इतर हुई। अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद मोदी और पेजेशकियान की यह पहली आमने-सामने की मुलाकात है। दोनों नेताओं की मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। सोमवार को अमेरिका और ईरान के बीच करीब एक महीने बाद फिर से हमले हुए। ऐसे में बिश्केक में मोदी और पेजेशकियान की बैठक को काफी अहम माना जा रहा है।
मोदी और पेजेशकियान इससे पहले फोन पर कई बार बातचीत कर चुके हैं। दोनों नेताओं की आखिरी फोन पर बातचीत 30 जून को हुई थी। उस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर चिंता जताई थी। भारत ने लगातार कहा है कि क्षेत्र में सभी मुद्दों का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई थी। भारत के लिए ईरान से ऊर्जा और सामान की आवाजाही भी अहम है।
मोदी और पेजेशकियान की बैठक ऐसे वक्त हुई है जब होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव का असर वैश्विक आपूर्ति व्यवस्था पर पड़ रहा है। इस समुद्री रास्ते से बड़ी मात्रा में तेल और अन्य ऊर्जा संसाधनों की आवाजाही होती है।
हालांकि, मोदी और पेजेशकियान के बीच हुई बातचीत में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसकी तत्काल आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। दोनों देशों की ओर से बैठक के बाद कोई विस्तृत बयान भी जारी नहीं किया गया था।
मोदी-पेजेशकियान मुलाकात से कुछ घंटे पहले अमेरिका और ईरान के बीच फिर सैन्य कार्रवाई हुई। अमेरिका ने होर्मुज में ईरान की ओर से समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछाने की आशंका के बीच लाराक द्वीप पर ईरानी सैन्य रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाया। इसके जवाब में ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने होर्मुज के ऊपर अमेरिकी ड्रोन गिराने का भी दावा किया।
इस बीच पेजेशकियान ने कहा है कि ईरान युद्ध नहीं चाहता लेकिन किसी भी हमले का मजबूती से जवाब देगा। वहीं भारत लगातार पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता के लिए बातचीत और कूटनीति पर जोर दे रहा है।
Updated on:
31 Aug 2026, 3:42 PM IST
Published on:
31 Aug 2026, 3:21 PM IST
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