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ईरान ने एक साथ कर दिया UAE और जॉर्डन पर हमला, ड्रोन से अमेरिकी ठिकानों को बनाया निशाना

Iran Drone Attack: ईरान ने पलटवार करते हुए एक साथ UAE और जॉर्डन पर ड्रोन से हमला किया है। जिसके कारण मिडिल-ईस्ट में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है।
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भारत

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Saurabh Mall

Sep 01, 2026

Iran drone attack UAE US airbase

ईरान का अमेरिका पर पलटवार (सोर्स: एक्स यूजर Middle East Report स्क्रीनशॉट)

US-Iran Tensions: 28 फरवरी, 2026 से शुरू हुआ अमेरिका-ईरान युद्ध अब तक खत्म नहीं हुआ। दोनों ही देश एक-दूसरे पर लगातार अटैक कर रहे हैं। यही कारण है कि मिडिल-ईस्ट में तनाव अब भी बरकरार है। इस बीच ईरान ने अमेरिका के खिलाफ जवाबी कार्रवाई का दावा किया है। ईरानी सेना के मुताबिक, UAE और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।

ईरान का दावा है कि UAE के अल-मिन्हाद एयरबेस पर दर्जनों ड्रोन भेजे गए। वहीं, जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर भी मिसाइल और ड्रोन से हमला किया गया। इन हमलों को ईरान ने हाल में हुए अमेरिकी हमलों का जवाब बताया है।

UAE के अल मिन्हाद एयरबेस को बनाया निशाना

ईरानी सेना ने दावा किया कि UAE के अल मिन्हाद एयरबेस पर ड्रोन हमला किया गया। यहां मौजूद अमेरिकी हेलीकॉप्टरों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। यह कार्रवाई उसके जवानों और ईरानी नागरिकों की मौत के जवाब में की गई।

ईरान की सेमी-ऑफिशियल तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, अल मिन्हाद एयरबेस विदेशी सेनाओं के लिए एक अहम लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट हब है। दूसरी तरफ, UAE के रक्षा मंत्रालय ने अलग जानकारी दी। मंत्रालय के मुताबिक, उसकी एयर डिफेंस यूनिट्स ने ईरान की तरफ से आए एक ड्रोन को रोका। UAE ने कहा कि उसकी सेना किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए तैयार है। लोगों से शांति बनाए रखने और सिर्फ आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करने की अपील की गई है।

जॉर्डन में भी अमेरिकी ठिकानों पर हमले का दावा

UAE के बाद ईरान की ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ यानी IRGC ने जॉर्डन को लेकर भी बड़ा दावा किया।
IRGC के मुताबिक, जॉर्डन में किंग हुसैन और अल-अजराक एयरबेस को निशाना बनाया गया। ईरानी ने यहां मिसाइल और ड्रोन हमलों की बात कही है। तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, हमलों में एयरबेस के मेंटेनेंस इंफ्रास्ट्रक्चर और लड़ाकू विमानों से जुड़ी सुविधाओं को निशाना बनाया गया। ईरान ने इस कार्रवाई को लारक आइलैंड पर हुए हमले का जवाब बताया है।

लारक आइलैंड हमले के बाद बढ़ा तनाव

पूरे घटनाक्रम की शुरुआत लारक आइलैंड को लेकर हुए सैन्य तनाव से जुड़ी है। यह द्वीप ईरान के होर्मोज़्गान स्टेट में है। यह होर्मुज स्ट्रेट के करीब स्थित है।

अमेरिकी सेना ने रविवार को यहां हमला करने की बात कही थी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता टिम हॉकिन्स के मुताबिक, IRGC की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। अमेरिकी का कहना था कि ईरानी सेना होर्मुज स्ट्रेट में रॉकेट लॉन्च करने की तैयारी कर रही थी।

अमेरिका के मुताबिक, कार्रवाई का मकसद समुद्री रास्ते से होने वाले कमर्शियल ट्रांजिट को सुरक्षित रखना था।
इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई के दावे किए। अब UAE और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों को लेकर सामने आए इन दावों ने मिडिल-ईस्ट में तनाव और बढ़ा दिया है।

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