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नेपाल की राजनीति में हलचल: गृह मंत्री ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए दिया इस्तीफा

Nepal Home Minister Sudan Gurung: नेपाल के गृह मंत्री सूडान गुरुंग ने वित्तीय विवादों के बीच नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोपरि है।

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Apr 22, 2026
Nepal Home Minister Resignation (Photo: AI)

Nepal Home Minister Resignation: नेपाल की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है, जहां गृह मंत्री सूडान गुरुंग ने अपने पद से इस्तीफा देकर नैतिक जिम्मेदारी का उदाहरण पेश किया है। नेपाल में हाल के दिनों में बढ़ते राजनीतिक विवादों और पारदर्शिता को लेकर उठते सवालों के बीच यह कदम काफी अहम माना जा रहा है।

नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा

सूडान गुरुंग ने अपने फेसबुक पोस्ट में स्पष्ट किया कि उन्होंने अपने ऊपर लगे वित्तीय मामलों से जुड़े आरोपों और सार्वजनिक चिंताओं को गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में विश्वास बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण है और इसी कारण उन्होंने पद छोड़ने का फैसला किया।

नैतिकता कुर्सी से बड़ी है…

गुरुंग ने अपने बयान में कहा कि उनके लिए कोई भी पद नैतिकता से बड़ा नहीं है। उन्होंने ‘Gen Z’ पीढ़ी का उल्लेख करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी पारदर्शिता, ईमानदारी और जवाबदेही की मांग कर रही है जो लोकतंत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

निष्पक्ष जांच के लिए रास्ता साफ

उन्होंने यह भी कहा कि उनके इस्तीफे का उद्देश्य जांच प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाना है। पद पर बने रहने से किसी भी प्रकार के हितों के टकराव की संभावना हो सकती थी जिसे उन्होंने टालना उचित समझा।

जनता और मीडिया से अपील

पूर्व गृह मंत्री ने नागरिकों, मीडिया और खासकर युवाओं से अपील की कि वे ईमानदारी और सच्चाई के रास्ते पर चलें। उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में कुछ मीडिया से जुड़े लोगों के आर्थिक हितों से जुड़ी जानकारी भी सामने आ सकती है।

पहले भी हुई कार्रवाई

इससे पहले, 9 अप्रैल को नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने श्रम मंत्री दीपक कुमार साह को अनुशासनहीनता के आरोप में पद से हटा दिया था। उन पर अपनी पत्नी को सरकारी पद पर बनाए रखने के लिए पद के दुरुपयोग का आरोप लगा था।

राजनीति में बढ़ती जवाबदेही की मांग

लगातार हो रही इन घटनाओं से नेपाल की राजनीति में जवाबदेही और पारदर्शिता को लेकर बहस तेज हो गई है। यह घटनाक्रम संकेत देता है कि अब जनता और खासकर युवा वर्ग साफ-सुथरी राजनीति की अपेक्षा कर रहा है, जिससे आने वाले समय में राजनीतिक व्यवस्था पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।

Updated on:
22 Apr 2026 03:58 pm
Published on:
22 Apr 2026 03:40 pm
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