
पिछले कुछ समय पहले भारत के नए संसद भवन के निर्माण के बाद उसमें अखंड भारत की तस्वीर पर नेपाल में विवाद देखने को मिला था। सरकार में शामिल कई लोगों ने इसे मुद्दा बनाकर भारत सरकार की आलोचना की थी। पर अब नेपाल को भारत की याद आ गई है। सिर्फ इतना ही नहीं, नेपाल ने भारत से मदद की गुहार भी लगाईं है। यह मदद धान, चावल और चीनी की एक्स्ट्रा सप्लाई से जुडी है।
नेपाल ने भारत से क्या मदद मांगी?
हाल ही में नेपाल के एक सीनियर ऑफिसर ने जानकारी देते हुए बताया कि नेपाल सरकार ने भारत सरकार से हाल ही में एक्स्ट्रा अनाज की सप्लाई की मदद मांगी है। इसमें धान, चावल और चीनी शामिल है। साथ ही इस सप्लाई को सुविधाजनक बनाने की भी मदद मांगी है।
क्या है मदद मांगने की वजह?
नेपाल के भारत से इस मदद मांगने की वजह है जल्द आ रहा त्यौहारी सीज़न। नेपाल में जल्द ही त्यौहारी सीज़न आने वाला है। ऐसे में ज़्यादा अनाज की ज़रूरत पड़ना भी स्वाभाविक है। ऐसे में त्यौहारी सीज़न में नेपाल में अनाज की कमी न हो, इसी वजह से नेपाल ने भारत से मदद मांगी है।
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भारत पर निर्भर है नेपाल
अनाज की सप्लाई के लिए नेपाल मुख्य रूप से भारत पर निर्भर करता है। भारत ने कुछ समय पहले ही गैर-बासमती सफेद चावल के एक्सपोर्ट पर बैन लगाया था। इसका असर नेपाल समेत दुनिया के कई देशों में देखने को मिला। नेपाल में चावल की कीमत में काफी इजाफा हो गया और त्यौहारी सीज़न में इसके और बढ़ने के आसार हैं। ऐसे में भारत पर निर्भरता के कारण नेपाल ने भारत से मदद मांगी है।
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