दुबई में ज़मीन के नीचे परिवहन के लिए एक सुरंग तैयार की जाएगी। क्या है इसकी वजह और कितना होगा खर्चा? आइए नज़र डालते हैं।
गगनचुंबी इमारतों और हैरतअंगेज़ इंजीनियरिंग वाला संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) एक बार फिर दुनिया को चौंकाने के लिए तैयार है। टेस्ला के सीईओ एलन मस्क की ‘द बोरिंग कंपनी’ की तरफ से 'दुबई लूप' के नाम से एक हाईटेक भूमिगत परिवहन नेटवर्क बनाने की तैयारी चल रही है, जो ट्रैफिक जाम, समय और प्रदूषण तीनों ही समस्याओं का प्रभावी हल देगी। 22.2 किलोमीटर लंबे प्रस्तावित अंडरग्राउंड नेटवर्क में 19 स्टेशन होंगे, जहाँ गाडियाँ 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी। हालांकि पहले चरण में 6.4 किलोमीटर का पायलट रूट इस वर्ष के अंत तक पूरा करने की योजना है।
दुबई में इस परियोजना पर करीब 5 हजार करोड़ रुपए का खर्च आएगा। अगर 'दुबई लूप' प्रोजेक्ट सफल रहता है तो सऊदी अरब, कतर और अन्य गल्फ देशों में भी यह परियोजना आगे बढ़ेगी।
'दुबई लूप' ज़मीन के अंदर बनी 3.6 मीटर व्यास की सुरंगों का ऐसा नेटवर्क है, जिसमें इलेक्ट्रिक वाहन यात्रियों को बिना किसी रुकावट गंतव्य तक पहुंचाएंगे। यह पारंपरिक मेट्रो से अलग है, क्योंकि यह पॉइंट टू पॉइंट सेवा देगा। इसमें बीच के स्टेशनों पर रुकने की जरूरत नहीं। पहले चरण में 6.4 किलोमीटर लंबा पायलट रूट होगा। इसमें बुर्ज खलीफा, दुबई मॉल जबील पार्किंग, डीआईएफसी और बुकफील्ड प्लेस चार प्रमुख स्टेशन होंगे। पहले चरण में नेटवर्क रोज करीब 13 हजार यात्रियों को सेवा देगा।
इस परियोजना से कई फायदे होंगे। इससे शहरी ट्रैफिक पर निर्भरता कम होगी, ज़मीन के ऊपर जगह बचेगी और वाहन कम होंगे, बिना ट्रैफिक सिग्नल के इस सुरंग में निर्बाध सफर होगा और साथ ही समय की बचत होगी।