US-Nigeria Military Action Against Terrorists: अमेरिका और नाइजीरिया ने मिलकर नाइजीरिया में इस्लामिक स्टेट के आतंकियों के खिलाफ एयरस्ट्राइक्स की। इन एयरस्ट्राइक्स में 175 आतंकी मारे गए।
आतंकवाद (Terrorism) दुनियाभर में एक गंभीर समस्या है और पिछले एक दशक में दुनिया के कई देशों में तेज़ी से बढ़ा है। अफ्रीकी देश भी इससे अछूते नहीं रहे हैं और वहाँ अक्सर ही आतंकी हमलों के मामले देखने को मिलते हैं। नाइजीरिया (Nigeria) में भी आतंकवाद काफी बढ़ गया है। ऐसे में अमेरिका (United States of America) और नाइजीरिया की सेना ने नाइजीरिया में इस्लामिक स्टेट (Islamic State / ISIS) के आतंकियों के खिलाफ एक संयुक्त सैन्य ऑपरेशन को अंजाम देते हुए 18 मई को एयरस्ट्राइक्स की। अमेरिकी सेना की AFRICOM यूनिट ने इसमें हिस्सा लिया।
अमेरिका और नाइजीरिया के संयुक्त सैन्य ऑपरेशन में देश के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में ISIS के ठिकाने पर एयरस्ट्राइक्स की गई। इन एयरस्ट्राइक्स में 175 आतंकी मारे गए, जिसकी पुष्टि AFRICOM ने सोशल मीडिया पर भी की। मारे गए आतंकियों ,में इस्लामिक स्टेट के वैश्विक दूसरे नंबर के कमांडर अबू-बिलाल अल-मिनुकी सहित कई वरिष्ठ कमांडर मारे गए। अल-मिनुकी को दुनिया का के सबसे एक्टिव आतंकियों में से एक माना जाता था।
इस्लामिक स्टेट के आतंकियों के खिलाफ इस संयुक्त सैन्य ऑपरेशन में कोई अमेरिकी-नाइजीरियाई सैनिक हताहत नहीं हुआ। दोनों देशों की सेनाओं ने इसे आतंकी नेटवर्क के लिए एक विनाशकारी झटका बताया है।
अल-मिनुकी के मारे जाने से इस्लामिक स्टेट की कमांड संरचना, ऑपरेशनल कोऑर्डिनेशन और बाहरी हमलों की योजनाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। अन्य मारे गए नेताओं में अब्द-अल वहाब (हमलों और प्रचार का समन्वयक), अबू मूसा अल-मंगावी और अबू अल-मुथन्ना अल-मुहाजिर (मीडिया प्रोडक्शन टीम मैनेजर) शामिल हैं। ऐसे में आतंकी संगठन को इन मौतों से काफी नुकसान हुआ है। इन एयरस्ट्राइक्स में आतंकियों के लॉजिस्टिक्स हब, हथियारों के गोदाम, चेकपॉइंट्स, सैन्य उपकरण और फाइनेंशियल नेटवर्क भी तबाह हो गए।
अमेरिका के इस हमले के बाद अब नाइजीरिया में तनाव बढ़ सकता है। इस्लामिक स्टेट इस हमले का जवाब देने के लिए देश में रह रहे ईसाइयों को निशाना बना सकते हैं। पहले भी इस तरह के कई मामले देखे गए हैं। अमेरिका पहले भी नाइजीरिया में ईसाइयों पर हुए हमलों की निंदा कर चुका है और अगर फिर ऐसा हुआ, तो अमेरिकी सेना फिर से नाइजीरियाई सेना के साथ मिलकर आतंकियों के ठिकाने पर हमले कर सकती हैं। पिछले साल क्रिसमस पर भी अमेरिकी सेना ने ऐसा ही किया था।