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ईरान ने बदले नियम, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर लगेगा शुल्क, केवल खास देशों को मिलेगी छूट

Iran ने होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर सर्विस फीस लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। ईरान ने मित्र देशों को विशेष रियायत देने के संकेत दिए हैं, जबकि अमेरिका ने इस प्रस्ताव का विरोध जताया है। ईरान का यह कदम वैश्विक तेल कारोबार को प्रभावित कर सकता है।
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भारत

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Ankit Sai

Jul 05, 2026

Strait of Hormuz Shipping

होर्मुज को लेकर ईरान का अहम ऐलान

Iran To Charge Hormuz Transit Fees: ईरान ने दुनिया के सबसे अहम समुद्री तेल मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बड़ा ऐलान किया है। ईरान अब होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से सर्विस फीस वसूलने की तैयारी में है। साथ ही ईरान ने कहा कि उसके साथ अच्छे संबंध रखने वाले देशों को इस व्यवस्था में विशेष रियायत दी जाएगी। ईरान का कहना है कि यह शुल्क जहाजों की सुरक्षा, निगरानी और पर्यावरण से जुड़े कामों के लिए होगा। ईरान के इस फैसले पर अमेरिका ने आपत्ति जताई है।

ईरान के मित्र देशों को मिलेगा विशेष लाभ

चीन में ईरान के राजदूत अब्दोलरेजा रहमानी फजली ने बीजिंग में आयोजित वर्ल्ड पीस फोरम के दौरान इस योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ईरान इस प्रस्ताव पर ओमान के साथ मिलकर काम कर रहा है, क्योंकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दोनों देशों की जिम्मेदारी है।

फजली ने कहा कि एक ऐसे देश के तौर पर जिसके समुद्री इलाके का हिस्सा होर्मुज है, हम निश्चित रूप से सर्विस फीस लेंगे। उन्होंने आगे कहा, ये नई व्यवस्थाएं होर्मुज से गुजरने की सुरक्षा सुनिश्चित करने, जहाजों की आवाजाही की निगरानी करने और साथ ही बड़ी संख्या में जहाजों से होने वाले पर्यावरणीय असर से निपटने और उसे संभालने से जुड़ी होंगी। इसके बाद उन्होंने कहा, हम निश्चित रूप से उन देशों के साथ विशेष व्यवहार करने पर विचार करेंगे जो हमारे मित्र रहे हैं और जिन्होंने मुश्किल समय में खास तौर पर हमारा साथ दिया है।

अमेरिका ने किया ईरान का विरोध

अमेरिका ने ईरान के इस फैसले का विरोध किया है। अमेरिका ने कहा कि ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से कोई शुल्क नहीं लेना चाहिए। हाल के सैन्य तनाव के बाद दोनों पक्षों के बीच एक अस्थायी व्यवस्था बनी थी, जिसके तहत करीब 60 दिनों तक जहाज बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के इस रास्ते से गुजर सकते थे। अब उस समझौते की अवधि खत्म होने वाली है और अभी तक कोई स्थायी व्यवस्था तय नहीं हो सकी है।

तेल कारोबार का सबसे अहम मार्ग

होर्मुज दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में शामिल है। इसी के जरिए फारस की खाड़ी के बड़े ऊर्जा उत्पादक देशों से कच्चा तेल और एलएनजी दुनिया के कई देशों तक पहुंचती है। दुनिया में होने वाली कुल कच्चे तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) की सप्लाई करीब 5 प्रतिशत इसी समुद्री मार्ग से होती है। इसी वजह से इस क्षेत्र में किसी भी तरह का तनाव या नई पाबंदी पूरी दुनिया के ऊर्जा बाजार को प्रभावित कर सकती है।