
Trump Sexual Abuse Case Payout More Time : ईरान से उलझने में लगे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने ही यौन दुर्व्यवहार केस के लिए खुद समय नहीं निकाल पाए या मुकदमे की सुनवाई के लिए अधिक समय चाहने के कारण उन्होंने अपने पास पैसे न होने का तर्क दिया है। यह बात अब चर्चा का विषय है दरअसल उन्होंने यौन दुर्व्यवहार और मानहानि के लिए लेखिका ई. जीन कैरोल को दिए गए 5 मिलियन डॉलर के नागरिक मुआवजे का भुगतान करने के लिए और समय मांगा है, जिसे कैरोल की कानूनी टीम ने 'अधिक टाइम लेने के एक और हथकंडा अपनाने से ज्यादा कुछ नहीं' बताया है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप के वकीलों ने एक संघीय अदालत से समय सीमा 14 जुलाई तक बढ़ाने का अनुरोध किया है, यह कहते हुए कि उनके नए मुख्य वकील, जॉस हैल्पर्न को मामला जानने के लिए अधिक समय की आवश्यकता है, क्योंकि पूर्व वकील जस्टिन स्मिथ संघीय न्यायाधीश के रूप में सेवा करने के लिए चले गए हैं। सुप्रीम कोर्ट की ओर से ई. जीन कैरोल की अपील खारिज किए जाने के बाद ट्रंप का दावा है कि अमेरिका 'हमले की चपेट में'है।
गौरतलब है कि सन 2023 में एक जूरी ने ट्रंप को 1996 में कैरोल का यौन दुर्व्यवहार करने और बाद में 2019 में कैरोल की ओर से सार्वजनिक रूप से उन पर आरोप लगाने के बाद उन्हें बदनाम करने का दोषी पाया और उन्हें 5 मिलियन डॉलर का हर्जाना देने का आदेश दिया। ट्रंप ने यह राशि एक एस्क्रो खाते में जमा कर दी थी, लेकिन अब ब्याज सहित लगभग 58 लाख डॉलर हो चुकी इस राशि जारी करने में देरी करने की कोशिश कर रहे हैं।
उधर कैरोल की वकील, रोबर्टा कपलान ने तर्क दिया कि ट्रंप के पास नए वकील नियुक्त करने के लिए पर्याप्त समय था और सुझाव दिया कि अधिक समय मांगने का अनुरोध नई कानूनी चुनौतियों का सामना करने से पहले टाइम लेने के इरादे से किया गया था, जिसमें अमेरिका के सर्वोच्च न्यायालय से फैसले पर पुनर्विचार करने और एक अलग 83 मिलियन डॉलर के मानहानि मामले में अपील सुनने का अनुरोध करना शामिल है।
कैपलान ने मीडिया से कहा,"हम केवल यही अनुमान लगा सकते हैं कि प्रतिवादी समय खरीदने की कोशिश कर रहा है ताकि वह वादी को भुगतान करने में देरी करने के लिए कोई नया आधार तैयार कर सके, संभवतः अपनी आगामी याचिका और पुनर्विचार के लिए आवेदन के लिए समय लेने के लिए ऐसा किया गया है।
इस बीच ट्रंप ने कैरोल के आरोपों का खंडन करते हुए केस नागरिक निर्णयों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है, और सुप्रीम कोर्ट की ओर से उनकी अपील पर सुनवाई करने से इनकार करने के बाद इस मुकदमा लड़ना जारी रखने की कसम खाई है।
Updated on:
05 Jul 2026 04:29 pm
Published on:
05 Jul 2026 04:25 pm
