
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ। ( फोटो : ANI)/
PM Modi Award Khawaja Asif Comment Statements Seychelles and India: पाकिस्तान का बड़बोलापन उसी के लिए घाटे का सौदा साबित हो रहा है, क्यों कि वैश्विक स्तर पर उसके बयान को गलत माना जा रहा है। भारत ने प्रधानमंत्री मोदी पर हमले के लिए पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की आलोचना की है कि सेशेल्स सरकार ने इस बात को सिरे से खारिज कर दिया कि यह पुरस्कार प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के लिए मनगढ़ंत या बनाया गया था। भारत ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, ख्वाजा आसिफ मानसिक रूप से अस्थिर हैं। ध्यान रहे कि भारत ने पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की इस बात के लिए कड़ी आलोचना की है कि उन्होंने सेशेल्स की ओर से उन्हें दिए गए 'गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन' पुरस्कार से जुड़े विवाद को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला किया था।
ध्यान रहे कि आसिफ ने गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन' पुरस्कार को 'मनगढ़ंत सम्मान' बताया था और आरोप लगाया था कि इसे प्रधानमंत्री मोदी की सेशेल्स यात्रा से ठीक पहले जल्दबाजी में तैयार किया गया था। पाकिस्तानी मंत्री ने मोदी को दिए गए प्रशस्ति पत्र के शुरुआती संस्करण में टाइपिंग की गलतियों की खबरों का हवाला देते हुए दावा किया कि यह "अब तक की सबसे शर्मनाक घटना' थी।
अहम बात यह है कि सेशेल्स सरकार ने इस बात को सिरे से खारिज कर दिया है कि यह पुरस्कार प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के लिए बनाया गया था या मनगढ़ंत था। सेशेल्स के राष्ट्रपति कार्यालय ने एक बयान में साफ किया है कि ऑर्डर ऑफ द गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन देश के राष्ट्रीय सम्मान अधिनियम के तहत स्थापित किया गया है और प्रधानमंत्री मोदी के आगमन से पहले ही इसे औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी गई थी। सेशेल्स सरकार ने बयान में कहा है कि यह सम्मान महासागरों के सतत उपयोग और संरक्षण तथा नीली अर्थव्यवस्था में असाधारण योगदान को मान्यता देता है।
सेशेल्स सरकार का कहना है कि इसमें यह भी कहा गया कि ऑनलाइन प्रसारित हो रहा दस्तावेज एक आंतरिक कार्य मसौदा था, जिसे अंतिम प्रूफरीडिंग से पहले अनजाने में शेयर कर दिया गया था, और इस बात पर जोर दिया गया कि अंतिम, आधिकारिक रूप से अनुमोदित कोटेशन अलंकरण समारोह के दौरान प्रस्तुत किया गया था और उसमें ऐसी कोई त्रुटि नहीं थी।
भारत ने पुरस्कार विवाद पर आधिकारिक तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन सरकारी सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तान की आलोचना तथ्यों के बजाय "ईर्ष्या" दर्शाती है, और आसिफ पर उन मामलों पर टिप्पणी करने का आरोप लगाया है "जिनके बारे में उन्हें बहुत कम जानकारी है।"
Updated on:
05 Jul 2026 05:38 pm
Published on:
05 Jul 2026 05:38 pm
