
North Korea nuclear program: उत्तर कोरिया ने रविवार को फिर एक बार पूर्वी समुद्र में बैलिस्टिक मिसाइल दाग दी है। जापान के रक्षा मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की है। मिसाइल कोरियाई प्रायद्वीप के पूर्व में समुद्र में गिरी।
दक्षिण कोरिया ने भी इसे अनजान प्रोजेक्टाइल बताया है। जापानी प्रसारक एनएचके के अनुसार, यह जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र के बाहर गिरी। यह घटना क्षेत्र में पहले से बढ़ते तनाव को और तेज कर रही है।
एक दिन पहले ही उत्तर कोरिया ने संयुक्त राष्ट्र के परमाणु निगरानी संगठन के खिलाफ प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। राज्य मीडिया के जरिए प्योंगयांग ने साफ कहा कि वह अपने परमाणु कार्यक्रम पर कोई समझौता नहीं करेगा।
पिछले हफ्ते भी उत्तर कोरिया ने अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान की संयुक्त नौसैनिक कवायद की निंदा की थी। यह अभ्यास 29 अगस्त से 10 सितंबर तक गुआम के पास चला था।
उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिकी नेतृत्व वाले सैन्य अभ्यास प्रायद्वीप पर तनाव बढ़ा रहे हैं। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि देश अपने परमाणु हथियार मजबूत करने के रास्ते से नहीं हटेगा।
इस बीच, क्षेत्रीय सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह लॉन्च सिर्फ सैन्य प्रदर्शन नहीं है। यह अंतरराष्ट्रीय दबाव के खिलाफ सीधा जवाब है। जापान और दक्षिण कोरिया दोनों ने तुरंत निगरानी बढ़ा दी है।
एशिया-पैसिफिक में बढ़ता तनाव व्यापार मार्गों और क्षेत्रीय स्थिरता पर असर डाल सकता है। उत्तर कोरिया बार-बार ऐसे परीक्षण करता है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चेतावनियों को नजरअंदाज करता है।
किम यो जोंग के बयान से साफ है कि प्योंगयांग अपनी नीति नहीं बदलेगा। परमाणु क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य जस का तस है। जापान ने तुरंत अपनी रक्षा तैयारियों की जांच शुरू कर दी है। दक्षिण कोरिया भी सतर्क है।
ऐसा माना जा रहा है कि मिसाइल परीक्षण का सिलसिला जारी रहने से तनाव और बढ़ेगा। उत्तर कोरिया बार-बार अपनी ताकत दिखा रहा है और बाकी देश चिंतित हैं। क्षेत्र में शांति के प्रयास फिर से जरूरी हो गए हैं। लेकिन फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।