वैज्ञानिकों ने ऑक्टोपस से प्रेरित होकर स्मार्ट स्किन बनाई है। क्या है इसकी खासियत? आइए नज़र डालते हैं।
वैज्ञानिकों ने एक ऐसी नई सिंथेटिक स्मार्ट स्किन बनाई है जो एक साथ कई काम कर सकती है। यह स्मार्ट स्किन न सिर्फ अपना रंग, बनावट और आकार बदल सकती है बल्कि जानकारी छिपाने-दिखाने और सॉफ्ट रोबोटिक्स जैसे आधुनिक क्षेत्रों में भी उपयोगी हो सकती है। यह रिसर्च अमेरिका की पेन स्टेट यूनिवर्सिटी में की गई है। वैज्ञानिकों ने इस स्मार्ट स्किन को हाइड्रोजेल से बनाया है। यह एक जेली जैसा मुलायम पदार्थ होता है जो आसानी से आकार बदल सकता है। यह स्मार्ट स्किन गर्मी, ठंड में खुद को बदल सकती है। यह अपना रंग, सख्ती, सतह की बनावट भी बदल सकती है।
वैज्ञानिक इस त्वचा के अंदर पहले से ही यह फीड कर देते हैं कि उसे कब और कैसे बदलना है। इस तकनीक को दिखाने के लिए वैज्ञानिकों ने मशहूर मोनालिसा की पेंटिंग को स्मार्ट स्किन में छिपाया। जब शीट को एथेनॉल से धोया गया, तो कोई तस्वीर दिखाई नहीं दी। लेकिन जैसे ही इसे ठंडे पानी में डाला गया या धीरे-धीरे गर्म किया गया तो तस्वीर साफ नज़र आने लगी। यह तकनीक गुप्त संदेशों की सुरक्षा में काम आ सकती है।
यह रिसर्च ऑक्टोपस जैसे समुद्री जीवों से प्रेरित है, जो अपनी त्वचा का रंग और बनावट बदलकर खुद को बचाते हैं या संकेत देते हैं। भविष्य में इस तकनीक का इस्तेमाल चिकित्सा उपकरणों, स्मार्ट रोबोट, साइबर सुरक्षा और नई तकनीकी सामग्री के विकास में किया जा सकता है। यह स्मार्ट स्किन सीधी चपटी शीट से 3डी आकार में बदल सकती है। जैसे किसी गुंबद या समुद्री जीवों की त्वचा जैसी संरचना।