
ओमान के तट के पास स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से गुजर रहे एक वाणिज्यिक जहाज पर प्रोजेक्टाइल से हमला किए जाने के बाद 11 भारतीय क्रू सदस्य घायल हो गए।
विदेश मंत्रालय (एमईए) ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। मंत्रालय के मुताबिक, घायल भारतीयों को ओमानी अधिकारियों की मदद से जहाज से सुरक्षित निकाल लिया गया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पनामा के झंडे वाला कमर्शियल जहाज एमटी ऑन पीस पर हुए हमले को लेकर बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों, समुद्री कर्मचारियों और वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाया जाना बंद होना चाहिए।
जानकारी के मुताबिक, यह कमर्शियल स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से गुजर रहा था, तभी उसे एक प्रोजेक्टाइल ने निशाना बनाया। यह हमला ओमान के तट के पास हुआ। जहाज पर बड़ी संख्या में क्रू सदस्य मौजूद थे, जिनमें 11 भारतीय भी शामिल थे।
हमले के बाद भारतीय क्रू सदस्यों के घायल होने की जानकारी सामने आई। घटना के बाद उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की कोशिश की गई। ओमान के अधिकारियों ने राहत और बचाव अभियान में मदद की।
एमईए ने बताया कि हमले में घायल हुए क्रू सदस्यों को ओमानी अधिकारियों की सहायता से जहाज से बाहर निकाला गया। भारतीय पक्ष लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
विदेश मंत्रालय ने इस घटना को लेकर यह भी साफ किया कि समुद्री रास्तों पर चल रहे व्यापारिक जहाजों और उन पर काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा बेहद जरूरी है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है और यहां किसी भी तरह की हिंसक घटना का असर व्यापक हो सकता है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत पनामा के झंडे वाला कमर्शियल जहाज एमटी ऑन पीस पर हुए हमले की निंदा करता है। उन्होंने कहा कि व्यापारिक जहाजों को इस तरह निशाना बनाना गंभीर चिंता का विषय है।
एमईए ने अपने बयान में कहा कि वाणिज्यिक जहाजों, समुद्री कर्मचारियों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की घटनाएं तुरंत बंद होनी चाहिए। मंत्रालय ने समुद्र में काम करने वाले लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की जरूरत पर जोर दिया।
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के आसपास की किसी भी घटना पर दुनिया की नजर रहती है, क्योंकि यह इलाका अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। यहां से गुजरने वाले जहाजों पर हमले या उनके लिए पैदा हुआ खतरा वैश्विक समुद्री कारोबार को प्रभावित कर सकता है।
MT On Peace पर हुआ हमला ऐसे समय में सामने आया है जब क्षेत्र में तनाव के बीच समुद्री रास्तों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। भारत के लिए यह मामला इसलिए भी अहम है क्योंकि जहाजों पर बड़ी संख्या में भारतीय समुद्री कर्मचारी काम करते हैं।
MEA ने संकेत दिया है कि वाणिज्यिक जहाजों और आम नागरिकों को संघर्ष का निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। भारत ने सभी संबंधित पक्षों से समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और ऐसी घटनाओं को रोकने की अपील की है।