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पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच फिर बढ़ा तनाव, जानिए बॉर्डर पर किसकी स्थिति मज़बूत

Pakistan-Afghanistan Conflict: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव फिर बढ़ गया है! पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक्स के बाद तालिबान ने जवाबी कार्रवाई की धमकी दी! दोनों देशों के बीच इंटरनेशनल बॉर्डर है! आइए जानते हैं इस बॉर्डर पर किसकी स्थिति मज़बूत है! !
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Sep 25, 2026
Pakistan soldiers on Pak-Afghan border
अफगानिस्तान बॉर्डर पर पाकिस्तानी सैनिक (Photo - ANI)

पाकिस्तान (Pakistan) ने हाल ही में अफगानिस्तान (Afghanistan) में 10 जगह एयरस्ट्राइक्स की! इन एयरस्ट्राइक्स में 4 लोगों की मौत हो गई, जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है! पाकिस्तानी हमले के बाद अफगानिस्तान की तालिबान (Taliban) सरकार ने करारा जवाब देने की चेतावनी दी है! दोनों देशों के बीच इंटरनेशनल बॉर्डर है, जिसे डूरंड लाइन कहते हैं! यह करीब 2,600 किलोमीटर लंबी है। आइए जानते हैं कि बॉर्डर पर किसकी स्थिति मज़बूत है!

पाकिस्तान की सैन्य शक्ति है ज़्यादा

सैन्य शक्ति की बात करें, तो पाकिस्तान, अफगानिस्तान से ज़्यादा मज़बूत है! डूरंड लाइन पर तालिबानी लड़ाकों की तुलना में ज़्यादा पाकिस्तानी सैनिक तैनात हैं! पाकिस्तानी सेना के पास हथियारों, बख्तरबंद वाहनों, गोला-बारूद, फाइटर जेट्स की भी भरमार है, तो वहीँ तालिबान के पास न तो फाइटर जेट्स हैं और न ही इन्हें उड़ाना जानने वाले पायलट्स! यह तालिबान का बेहद कमजोर पक्ष है, क्योंकि पाकिस्तान के पास एयरफोर्स है!

युद्ध का अनुभव

तालिबान के पास पाकिस्तानी सेना की तुलना में युद्ध का ज़्यादा अनुभव है! डूरंड लाइन पहाड़ी और दुर्गम है, जो गुरिल्ला युद्ध के अनुकूल है। तालिबानी लड़ाकों को यह कला बखूबी आती है, जबकि पाकिस्तानी सैनिकों के पास इसका अनुभव नहीं है! इसके अलावा खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में टीटीपी की मौजूदगी भी तालिबान को मज़बूती देती है!

संगठन की मज़बूती

पाकिस्तानी सेना का संगठन मज़बूत है! पाकिस्तान के पास थल सेना, वायु सेना और जल सेना की तीन अलग-अलग यूनिट्स हैं! वहीँ तालिबान के पास संगठनात्मक मज़बूती नहीं है! यह भी अफगानिस्तान का कमजोर पक्ष है!

तालिबान के हमले को पाकिस्तान ने किया नाकाम

इसी बीच पाकिस्तान ने बॉर्डर पर तालिबान के हमले को नाकाम कर दिया है! पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारियों ने शुक्रवार को जानकारी दी कि गुलिस्तान के सीमावर्ती इलाके में तालिबान के हमले की कोशिश की, जिसे पाकिस्तानी सेना ने नाकाम कर दिया! इस दौरान तालिबान के कई सदस्य मारे गए। हालांकि आने वाले दिनों में तालिबान बॉर्डर पर हमले बढ़ा सकता है। इसके अलावा पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत, जिसकी नॉर्डेर अफगानिस्तान से लगती है, में भी आतंकी हमले बढ़ सकते हैं, क्योंकि टीटीपी को अफगान तालिबान का पूरा समर्थन प्राप्त है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि खैबर पख्तूनखा पाकिस्तान में आतंकवाद से सबसे ज़्यादा प्रभावित प्रांत है।