
Pakistan Airstrike: पाकिस्तान की एयरफोर्स ने अफगानिस्तान में एयरस्ट्राइक की है। पाक वायुसेना ने अफगानिस्तान के पूर्वी कुनार प्रांत में बम बरसाए हैं। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी एयरफोर्स के हमले में कई अफगान नागरिक घायल हुए हैं। मिली जानकारी के अनुसार, पाकिस्तानी जेट विमानों ने मुख्य रूप से कुनार और पक्तिका प्रांतों को अपना निशाना बनाया। कुनार प्रांत के नुर्गल जिले में स्थित पतंग क्षेत्र में सुबह करीब 3:30 बजे बहुत नीचे उड़ रहे पाकिस्तानी विमानों ने बम गिराए। उस समय लोग अपने घरों में सो रहे थे।
स्थानीय लोगों ने बताया कि यह एयरस्ट्राइक उस वक्त हुई जब लोग अपने-अपने घरों में सो रहे थे। नुर्गल जिले के रहने वाले नूर मोहम्मद नाम के एक आम नागरिक के मकान पर मिसाइल सीधे आ गिरी, जिससे पूरा घर पल भर में मलबे के ढेर में तब्दील हो गया। घटना के बाद सुबह इलाके के लोग मलबे से मिसाइलों और बमों के टुकड़े चुनते नजर आए। हमले में कई स्थानीय नागरिकों के गंभीर रूप से घायल होने की खबर है। हालांकि, मलबे में और कितने लोग दबे हुए हैं या कुल कितना नुकसान हुआ है, इसका पूरी जानकारी अभी आना बाकी है।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा पर काफी समय से खींचतान चल रही थी। तालिबान प्रशासन और पाकिस्तानी सेना के बीच डूरंड लाइन पर पिछले कुछ समय से लगातार हिंसक झड़पें देखी जा रही थीं। लेकिन अब पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान के अंदर घुसकर इस तरह बम गिराने से हालात और बिगड़ गए हैं। इस घटना के बाद सीमा पर तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है।
पाकिस्तान अपने देश की सुरक्षा संभालने में लगातार नाकाम हो रहा है। हाल ही में 20 सितंबर, 2026 को पाकिस्तान के हंगू जिले में सेना के काफिले पर आतंकी हमला हुआ, जिसमें मुठभेड़ के दौरान 8 आतंकी मारे गए। इस घटना के तुरंत बाद पाकिस्तानी सेना ने अपनी पुरानी आदत के अनुसार बिना किसी सबूत के भारत का नाम घसीटना शुरू कर दिया। जब भी पाकिस्तान में अंदरूनी हालात बिगड़ते हैं, वह भारत और अफगानिस्तान पर झूठे आरोप लगाकर तलाशी अभियान के नाम पर अफगान सरहद में घुसपैठ करने लगता है।
दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव कोई नया नहीं है। फरवरी 2026 में सीमा विवाद बढ़ने के बाद तालिबानी लड़ाकों ने पाकिस्तानी चौकियों पर पलटवार किया था। इसके जवाब में 27 फरवरी 2026 को पाकिस्तान ने काबुल, कंधार और पख्तिया पर हवाई व जमीनी हमले शुरू कर दिए, जिससे खुले युद्ध जैसे हालात बन गए थे। इसके बाद मार्च के अंत में कतर, सऊदी अरब और तुर्की की पहल पर अस्थायी युद्धविराम हुआ, लेकिन सीमा पर छिटपुट गोलाबारी और हमले लगातार जारी हैं।