
पाकिस्तान (Pakistan) लंबे समय से आतंकवाद (Terrorism) का संरक्षक रहा है। दुनियाभर के आतंकियों के लिए पाकिस्तान एक हॉटस्पॉट रहा है। हालांकि जिस आतंकवाद को पनपने में पाकिस्तान ने इतने सालों तक मदद की, अब वो आतंकवाद पाकिस्तान के गले की भी फांस बन चुका है। पाकिस्तान में भी आतंकी गतिविधियाँ काफी बढ़ गई हैं। आए दिन ही कहीं न कहीं आतंकी हमलों के मामले देखने को मिलते हैं। खैबर पख्तूनख्वा (Khyber Pakhtunkhwa) और बलूचिस्तान (Balochistan) पाकिस्तान में आतंकवाद से सबसे ज़्यादा प्रभावित प्रांत हैं। आतंकवाद को खत्म करने के लिए पाकिस्तानी सेना भी समय-समय पर कार्रवाई करती है। अब पाकिस्तानी सेना ने बलूचिस्तान में एक बार फिर आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई की है।
बलूचिस्तान के आवारान (Awaran) जिले में पाकिस्तानी सेना ने आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई की, जिसके बारे में पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा इंटर-सर्विसेज़ पब्लिक रिलेशंस - आईएसपीआर (Inter-Services Public Relations - ISPR) ने जानकारी दी। यह कार्रवाई जिले के बदरंग इलाके में की गई। सेना को इलाके में आतंकियों के होने की खुफिया जानकारी मिली थी, जिसके बाद उन्होंने अपना सैन्य अभियान चलाया। सेना की इस कार्रवाई में 3 आतंकी मारे गए। तीनों की पहचान प्रतिबंधित आतंकी संगठन के सदस्यों के तौर पर हुई है।
इंटर-सर्विसेज़ पब्लिक रिलेशंस ने जानकारी दी कि आतंकियों के पास से पाकिस्तानी सेना को भारी मात्रा में गोला-बारूद और हथियार बरामद हुए। इन हथियारों का इस्तेमाल बड़ी साजिश के लिए किया जा सकता था।
पाकिस्तान में आतंकवाद की वजह से कानून व्यवस्था चरमरा चुकी है। बलूचिस्तान में पहले से ही जनता पाकिस्तानी सरकार और सेना के खिलाफ है। इसकी वजह है सेना का अत्याचार, जिससे जनता परेशान हैं और सरकार भी इस बारे में कोई कदम नहीं उठाती। कई बलूच नेता और अलगाववादी संगठन पाकिस्तान से आज़ादी चाहते हैं। इन सबके बीच बलूचिस्तान में कुछ आतंकी संगठन भी सक्रिय हैं, जो अक्सर ही सेना और पुलिस पर हमले करते हैं। ऐसे में देश की सेना ने साफ कर दिया है कि पाकिस्तान से आतंकवाद और आतंकियों को खत्म करने के लिए उनकी जंग जारी रहेगी। इन सैन्य अभियानों में पाकिस्तानी सेना का साथ पुलिस, स्पेशल यूनिट्स और खुफिया एजेंसियाँ भी देती हैं, जिससे आतंकियों को उनके मंसूबों में कामयाब होने का कोई मौका न मिले।