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‘मध्यस्थ के तौर पर पाकिस्तान की भूमिका परेशानी खड़ी करने वाली’, अमेरिकी सीनेटर ने साधा निशाना

Lindsey Graham Slams Pakistan: अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ के तौर पर पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल उठाया है। क्या कहा ग्राहम ने? आइए जानते हैं।

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May 27, 2026
अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम (Photo - Washington Post)

अमेरिका (United States of America) और ईरान (Iran) के बीच बातचीत का आखिरी चरण जारी है और उम्मीद जताई जा रही है कि कुछ दिनों में दोनों देशों के बीच डील हो सकती है। इसी बीच ईरान पर अमेरिकी हमलों से एक बार फिर दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। हालांकि इसके बावजूद दोनों देशों के बीच सीज़फायर जारी है। इस सीज़फ़ायर में पाकिस्तान (Pakistan) ने अहम भूमिका निभाई थी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, लेकिन अब एक अमेरिकी सीनेटर ने इस पर सवाल उठाया है।

मध्यस्थ के तौर पर पाकिस्तान की भूमिका परेशानी खड़ी करने वाली

अब्राहम अकॉर्ड्स (Abraham Accords) पर पाकिस्तान की खिलाफत के विषय में अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम (Lindsey Graham) ने सोशल मीडिया पर लिखा, "मुझे काफी समय से यह साफ लग रहा है कि मध्यस्थ के तौर पर पाकिस्तान की भूमिका परेशानी खड़ी करने वाली है। इज़रायल के प्रति उनकी दुश्मनी बहुत पुरानी है। यह निर्विवाद है कि पाकिस्तानी एयरपोर्ट्स पर ईरानी सैन्य विमानों को रखा जा रहा है और इज़रायल के खिलाफ पाकिस्तानी उच्च अधिकारियों की पिछली बयानबाजी चिंताजनक है। पाकिस्तानी रक्षा मंत्री की अब्राहम अकॉर्ड्स के बारे में टिप्पणी, जिसमें उन्होंने कहा कि पाकिस्तान कभी इसमें शामिल नहीं होगा क्योंकि उन्हें इज़रायल पर भरोसा नहीं है, यह वीडियो भले ही एक साल पुराना हो, लेकिन मुझे डर है कि उनकी भावना अभी भी पहले जैसी ही है। इस संदर्भ में यह बेहद ज़रूरी है कि पाकिस्तान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल होने के आह्वान का अब जवाब दे।"

क्या है अब्राहम अकॉर्ड्स पर विवाद?

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे युद्ध समाप्ति समझौते को अब्राहम अकॉर्ड्स से जोड़ दिया है। उन्होंने सऊदी अरब, कतर, पाकिस्तान, तुर्की, मिस्र और जॉर्डन जैसे देशों के नेताओं से फोन पर बातचीत में कहा कि ईरान डील के हिस्से के रूप में इन देशों को तुरंत इज़रायल के साथ राजनयिक संबंध सामान्य करने वाले अब्राहम समझौते पर हस्ताक्षर करने चाहिए। हालांकि पाकिस्तान इसमें शामिल नहीं होना चाहता क्योंकि वो शुरू से इज़रायल के खिलाफ है और एक देश के तौर पर भी उसे मान्यता नहीं देता। पाकिस्तान के पासपोर्ट पर भी लिखा होता है कि इज़रायल को छोड़कर सभी देशों के लिए वैध है। इसी वजह से अब्राहम अकॉर्ड्स एक विवादित विषय बना हुआ है।

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