
US Strikes on Iran: ईरान पर अमेरिका के फिर हवाई हमले, होरमुज तनाव और गहराया (फोटो सोर्स: x@Emily Schrader)
US Iran Conflict: दुनिया इस वक्त एक बड़े महायुद्ध के मुहाने पर खड़ी है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव अब पूरी तरह से नियंत्रण से बाहर हो चुका है। अमेरिकी वायुसेना और नौसेना ने मिलकर दक्षिणी ईरान पर हमलों का एक और भीषण दौर शुरू कर दिया है, जिससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (होर्मुज जलडमरूमध्य) के रणनीतिक रास्ते पर तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि होर्मुज का रास्ता अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए खुला है, जबकि ईरान की पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी' ने दोटूक कह दिया है कि जब तक क्षेत्र में स्थिरता नहीं लौटती, यहां से किसी भी जहाज को गुजरने नहीं दिया जाएगा।
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, अमेरिकी मिसाइलों और लड़ाकू विमानों ने ईरान के बेहद संवेदनशील तटीय शहरों बंदर अब्बास, सिरिक, जास्क और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण केश्म (Qeshm) द्वीप को निशाना बनाया है। केश्म द्वीप होर्मुज जलडमरूमध्य के मुहाने पर स्थित ईरान का सबसे बड़ा द्वीप है, जहाँ ईरान ने अपने रडार और नौसैनिक ठिकाने बना रखे हैं।
इस बार अमेरिका ने सिर्फ तटीय इलाके ही नहीं, बल्कि ईरान के अंदरूनी प्रांतों जैसे खुज़ेस्तान, होर्मोजगान और सीस्तान-बलूचिस्तान में भी भारी बमबारी की है। सबसे चौंकाने वाला हमला मरकजी प्रांत के खोंदाब (Khondab) शहर के बाहर हुआ है, जहाँ ईरान का बेहद सुरक्षित भारी जल परमाणु संयंत्र (Heavy Water Facilities) स्थित है।
यह तनाव तब और भयावह हो गया जब बीते दिनों अमेरिका ने ईरान के 140 से अधिक ठिकानों को मटियामेट करने का दावा किया। इसके जवाब में ईरान ने बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर और जॉर्डन जैसे अमेरिकी सहयोगियों पर पलटवार किया। कतर में ईरानी हमलों के मलबे से एक बच्चे समेत तीन लोग घायल हुए हैं, वहीं कुवैत के तेल ड्रिलिंग प्लेटफॉर्म को भी भारी नुकसान पहुँचा है।
इस युद्ध की आंच अब भारत तक भी पहुंच चुकी है। ओमान के तट के पास एक बड़े कंटेनर जहाज 'जीएफएस गैलेक्सी' (GFS Galaxy) पर हुए हमले के बाद भारतीय नौसेना और रेस्क्यू टीमों ने मुस्तैदी दिखाते हुए 23 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया है, लेकिन 1 भारतीय नाविक अब भी लापता है जिसकी तलाश युद्धस्तर पर की जा रही है।
यदि आप सोच रहे हैं कि इस युद्ध का असर सिर्फ खाड़ी देशों पर पड़ेगा, तो आप गलत हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को वैश्विक अर्थव्यवस्था की शह रग (Lifeline) कहा जाता है।
कच्चे तेल का संकट: दुनिया का लगभग 20% से अधिक कच्चा तेल (Crude Oil) इसी संकरे समुद्री रास्ते से होकर गुजरता है। अगर ईरान इस रास्ते को पूरी तरह ब्लॉक करता है, तो दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छूने लगेंगी, जिससे भारत सहित कई देशों में महंगाई का नया रिकॉर्ड बन सकता है।
गाजा-लेबनान में भी सुलग रही आग: इस अमेरिकी-ईरानी महासंग्राम के बीच, इसराइल ने भी मोर्चे खोल रखे हैं। लेबनान और गाजा पट्टी पर इसराइली हमले लगातार जारी हैं, जिसमें रविवार को एक 8 साल की मासूम बच्ची समेत 7 और फिलिस्तीनियों की मौत हो गई। इससे साफ है कि यह युद्ध किसी एक मोर्चे पर नहीं, बल्कि पूरे मिडिल ईस्ट को अपनी चपेट में ले चुका है।
क्षेत्रीय विश्लेषकों का मानना है कि तीन हफ्ते पहले हुए सीजफायर समझौते को धता बताते हुए अमेरिका ने जिस तरह ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है, उससे ईरान का संयम टूट सकता है। यदि ईरान ने जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी युद्धपोतों या खाड़ी देशों के तेल कुओं को पूरी तरह ठप किया, तो इसे 'थर्ड वर्ल्ड वॉर' की शुरुआत बनते देर नहीं लगेगी। पूरी दुनिया की नजरें अब संयुक्त राष्ट्र और वैश्विक शक्तियों पर टिकी हैं कि क्या इस महाविनाश को रोका जा सकता है या नहीं।
Updated on:
13 Jul 2026 06:43 am
Published on:
13 Jul 2026 06:43 am
