पाकिस्तान ने देर रात अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में एयरस्ट्राइक की है। इस हवाई हमले के ज़रिए पाकिस्तान ने टीटीपी चीफ मुफ्ती नूर वली महसूद को निशाना बनाने की कोशिश की, लेकिन पाकिस्तान को इसमें कामयाबी नहीं मिली।
पाकिस्तान (Pakistan) और अफगानिस्तान (Afghanistan) के बीच चल रही दुश्मनी जगजाहिर है। जब से तालिबान (Taliban) देश की सत्ता में लौटा है, तब से ही दोनों देशों के बीच संबंध बिगड़ गए। तालिबान के अफगानिस्तान की सत्ता में लौटने के बाद पाकिस्तान में आतंकवाद भी बढ़ गया, जिससे दोनों देशों के बीच दुश्मनी छिड़ गई। दोनों पक्षों में अक्सर ही बॉर्डर पर झड़प भी होती रहती है। इसी बीच गुरुवार को देर रात पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में एयरस्ट्राइक कर दी।
पाकिस्तान ने काबुल में जो एयरस्ट्राइक की, उसका मकसद टीटीपी (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) के चीफ मुफ्ती नूर वली महसूद (Mufti Noor Wali Mehsud) को मारना था। एयरस्ट्राइक के बाद पाकिस्तानी मीडिया ने दावा किया कि महसूद इस एयरस्ट्राइक में मारा गया, लेकिन इस दावे को खुद महसूद ने ही झुठला दिया है। महसूद ने साफ कर दिया कि पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक में उसकी मौत नहीं हुई है और वह पूरी तरह से स्वस्थ है। उसकी मौत की खबर सिर्फ दुश्मन (पाकिस्तान) का प्रोपेगैंडा है। गौरतलब है कि पाकिस्तान में बढ़ रहे आतंकवाद के पीछे टीटीपी का ही हाथ है।
अफग़ानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी (Amir Khan Muttaqi) इस समय भारत (India) दौरे पर हैं। इस दौरे का उद्देश्य दोनों देशों के संबंधों में मज़बूती लाना है। हालांकि पाकिस्तान इससे खुश नहीं है, जो काफी स्वाभाविक है। ऐसे में इसी समय पाकिस्तान का काबुल पर एयरस्ट्राइक करना कोई संयोग मात्र नहीं है, बल्कि एक सोची समझी साजिश है।