Pakistan airspace NOTAM military exercise : पाकिस्तान ने अपने केंद्रीय हवाई क्षेत्र में कई एयर रूट्स को बंद करने के लिए NOTAM जारी किया है।
\Pakistan airspace NOTAM military exercise: पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत की ओर से ऑपरेशन सिंदूर ( Operation Sindoor) के बाद पाकिस्तान को शायद अपनी सैन्य कमजोरी का एहसास हो गया है। पाकिस्तान ने अपने केंद्रीय हवाई क्षेत्र में कई एयर ट्रैफिक रूट्स 16 जुलाई से 23 जुलाई तक अस्थायी रूप से बंद करने के लिए नोटम (NOTAM - Notice to Airmen) जारी किया है। ध्यान रहे कि नोटम (Pakistan NOTAM) एक आधिकारिक सूचना होती है, जो पायलटों और एयर ट्रैफिक कंट्रोल को हवाई मार्गों या हवाई क्षेत्र में बदलाव या प्रतिबंध के बारे में सूचित करती है। इस बार जारी नोटम के अनुसार, पाकिस्तान के केंद्रीय सेक्टर में कई हवाई मार्ग अस्थायी रूप से उपलब्ध नहीं रहेंगे। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बड़े पैमाने पर एयर स्पेस बंद करने का मतलब अक्सर सैन्य अभ्यास (Military exercise) या सुरक्षा कारण हो सकते हैं। डिफेंस एक्सपर्ट ने पाकिस्तान का नोटम और नक्शा देख कर बताया कि पाकिस्तान सैन्य अभ्यास कर रहा है। पाकिस्तान एयर ट्रैफिक कंट्रोल के नक्शे से यह संकेत मिला है।
इसका भारत, बांग्लादेश और अफगानिस्तान पर असर पड़ सकता है। पाकिस्तान ने पिछले वर्षों में सैन्य अभ्यास के चलते कई बार अपने हवाई क्षेत्र सीमित किए हैं, जिससे यह संभावना बढ़ जाती है कि यह नोटम भी किसी सैन्य अभ्यास या विमान उड़ानों से जुड़े विशेष ऑपरेशन की वजह से जारी किया गया हो।
जानकारों के अनुसार इस नोटम के बाद हवाई यातायात में व्यवधान की संभावना बनी हुई है, खासकर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में जो इस क्षेत्र से होकर गुजरती हैं। इससे नजदीकी देशों के एयर ट्रैफिक कंट्रोल और एयरलाइंस को भी अपनी योजनाएं संशोधित करनी पड़ सकती हैं।
पाकिस्तान की ओर से इस नोटम के जारी होने की आधिकारिक वजह अभी तक साफ नहीं की गई है, लेकिन सुरक्षा और सैन्य गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए यह समझा जा रहा है कि यह एक सैन्य अभ्यास से जुड़ा हुआ हो सकता है। भारत समेत क्षेत्रीय देशों ने भी इस कदम को गौर से देखना शुरू कर दिया है क्योंकि इस तरह के कदम क्षेत्रीय सुरक्षा और हवाई यातायात पर असर डालते हैं। गौरतलब है कि सामरिक मामलों में गोपनीयता के मददेनजर अक्सर कारण नहीं बताया जाता है।
दरअसल पाकिस्तान की ओर से केंद्रीय हवाई क्षेत्र में एयर ट्रैफिक रूट्स अस्थायी रूप से बंद करने का कदम चिंताजनक है। यह न केवल क्षेत्रीय हवाई यातायात को प्रभावित करेगा बल्कि सुरक्षा और कूटनीतिक दृष्टिकोण से भी इसका बड़ा प्रभाव हो सकता है। यह स्पष्ट संकेत है कि पाकिस्तान अपने हवाई क्षेत्र में किसी बड़े सैन्य अभ्यास या अन्य गुप्त गतिविधि को अंजाम दे रहा है, जिससे पड़ोसी देशों की सतर्कता बढ़नी चाहिए।
भारत को आगे की जानकारी जुटाने के लिए संबंधित अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय एयर ट्रैफिक नियंत्रण एजेंसियों, साथ ही पाकिस्तान के सैन्य और नागरिक प्रशासन की प्रतिक्रियाओं पर नजर बनाए रखनी होगी। साथ ही, यह देखना जरूरी होगा कि इस नोटम के चलते किन-किन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रूट बदलना पड़ा और इसका क्षेत्रीय हवाई यातायात पर क्या असर पड़ा। भारत और अन्य पड़ोसी देशों की सरकारें भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया दर्ज करा सकती हैं, जो अगले कुछ दिनों में साफ हो सकती है।
डिफेंस एक्सपर्ट भारतीय सेना के मेजर जनरल रानूसिंह राठौड़ (रिटायर्ड) ने विशेष बातचीत में कहा कि पाकिस्तान के नोटम के आधार पर सामने आए एयर ट्रैफिक कंट्रोल के नक्शे से यह साफ पता चल रहा है कि पाकिस्तान लाइन आफ कंट्रोल के नजदीक वार एक्सरसाइज कर रहा है। यह नक्शा बता रहा है कि वह पंजाब, जैसलमेर-बाड़मेर और जम्मू कश्मीर के पास की सीमा पर जंग की तैयारी कर रहा है। यहां एक बात और कहना चाहूंगा कि पाकिस्तान ने इसमें एयर ट्रैफिक कंट्रोल किया है कि इस रूट से सिविल जहाज न आ जा सकें। यानि पाकिस्तान ने इस एक्सरसाइज में आर्मी और एयरफोर्स को भी इन्वॉल्व किया है।
मेजर जनरल रानूसिंह राठौड़ ने कहा कि पाकिस्तान पानी के लिए आगे का रास्ता देख रहा है। वह सिंधु जल विवाद से बौखला गया है। भारतीय सेना जब शाम को 'जयहिंद' कहती है तो पाकिस्तान के रेंजर 'हम बदला लेंगे'कहते हैं। चकमा देना और बदला लेना उसकी पुरानी आदत है। उसमें बदला लेने की खुंदक है। दुश्मन गंदा खेल खेल सकता है। इसलिए भारत को सतर्क रहना होगा, क्यों कि दुश्मन भरोसेमंद नहीं है। इनकी मंशा हमेशा शक के घेरे में रहती है। भारत पहले ही कह चुका है कि ऑपरेशन सिन्दूर में अस्थाई सीजफायर हुआ है, यानि ऑपरेशन सिन्दूर अभी खत्म नहीं हुआ है। पाकिस्तान के इस रुख को देखते हुए बीएसएफ, आर्मी और एयरफोर्स को सतर्क रहना होगा।
बहरहाल इस घटना के पीछे एक और महत्वपूर्ण पहलू यह भी हो सकता है कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय दबाव या सीमा पार सुरक्षा तनाव के बीच अपनी सैन्य ताकत दिखाने की कोशिश कर रहा है। यह कदम न केवल एक सैन्य अभ्यास हो सकता है बल्कि रणनीतिक रूप से संदेश देने का भी जरिया हो सकता है। साथ ही, इसके चलते क्षेत्रीय हवाई यातायात और व्यापारिक उड़ानों में संभावित बाधा आर्थिक असर भी ला सकती है।