
US court of international trade (Photo - Washington Post)
न्यूयॉर्क की संघीय अदालत (यूएस कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड) ने ट्रंप प्रशासन को बड़ा झटका दिया है। जज रिचर्ड ईटन ने फैसला सुनाया कि फरवरी में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की ओर से अवैध घोषित किए गए आयात टैरिफ से कंपनियों को रिफंड मिलना चाहिए। सभी आयातक रिकॉर्ड धारक इस फैसले का लाभ पाने के हकदार हैं। सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ को असंवैधानिक करार दिया था, क्योंकि टैरिफ लगाने का अधिकार सिर्फ कांग्रेस का है, राष्ट्रपति अकेले इस विषय में फैसला नहीं ले सकते।
अमेरिकी सरकार ने इन टैरिफ के ज़रिए कंपनियों से 130 बिलियन डॉलर से ज़्यादा वसूले थे। एक्सपर्ट्स के अनुसार अब कुल रिफंड 175 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है।
कोर्ट ने कस्टम्स को आदेश दिया कि अवैध टैरिफ इकट्ठा करना बंद करें और पहले लिक्विडेशन हो चुके सामान का हिसाब बिना टैरिफ के दोबारा करें। ट्रंप प्रशासन रिफंड रोकने या देरी की कोशिश कर रहा था, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। यह ट्रंप की टैरिफ नीति पर गंभीर हमला है, जिससे सरकारी राजस्व प्रभावित होगा और बड़ी प्रशासनिक चुनौतियाँ आएंगी। वकीलों का कहना है कि सरकार अपील कर सकती है या समय मांग सकती है। आयातकों और उपभोक्ताओं के लिए राहत होगी, लेकिन कस्टम्स सिस्टम पर बोझ बढ़ेगा।
Updated on:
06 Mar 2026 07:35 am
Published on:
06 Mar 2026 07:26 am
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