
पाकिस्तान (Pakistan) में पिछले कुछ महीनों से राजनीतिक उथल-पुथल मची हुई है। इसकी मुख्य वजह है इमरान खान (Imran Khan)। पाकिस्तान के पूर्व पीएम ने जब से प्रधानमंत्री पद गंवाया है, तभी से देश की सरकार और आर्मी की खिलाफत कर रहे हैं। इससे देश की सरकार और आर्मी भी उनके खिलाफ हो गई है। इसी वजह से जब इमरान अल-कादिर ट्रस्ट मामले की सुनवाई के सिलसिले में 9 मई के दिन इस्लामाबाद हाईकोर्ट पहुंचे, तब कोर्ट के अंदर से ही पाकिस्तान के नेशनल अकॉउंटिबिलिटी ब्यूरो की टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इमरान की गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थकों ने देश में दंगे भड़का दिए। जब तक इमरान की रिहाई नहीं हुई, तब तक उनके समर्थकों ने देश के कई हिस्सों में बवाल मचा दिया। 9 मई को हुए उन दंगों की वजह से ही हाल ही में पाकिस्तान सरकार ने देश के सुप्रीम कोर्ट से एक मांग की है।
पाकिस्तान सरकार हुई सख्त, सुप्रीम कोर्ट से की यह मांग....
9 मई को हुए दंगों के मामलों में पाकिस्तान सरकार अब सख्त हो गई है। पाकिस्तान सरकार चाहती है कि दंगों में जिन-जिन लोगों की भागीदारी थी, उनके खिलाफ सैन्य मुकदमा चलाया जाना चाहिए। इसी वजह से पाकिस्तान सरकार ने देश एक सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि दंगाइयों के खिलाफ सैन्य मुकदमा न चलाए जाने के लिए जो याचिका लगाईं गई है उसे ख़ारिज किया जाना चाहिए।
यह भी पढ़ें- US Gun Violence: कैलिफोर्निया में 3 साल के बच्चे ने 1 साल की बहन को मारी गोली, हुई मौत
क्यों चाहती है पाकिस्तान सरकार दंगाइयों के खिलाफ सैन्य मुकदमा?
दरअसल 9 मई के दंगों के बाद हजाफरों दंगाइयों को गिरफ्तार किया गया था। पर इमरान समेत दूसरे कई नेताओं की याचिका के बाद दंगाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई। पर सरकार चाहती है कि दंगाइयों के खिलाफ सैन्य मुकदमा चलाया जाए। इसकी वजह है दंगाइयों द्वारा कई सरकारी और सैन्य संस्थानों/ऑफिसों को नुकसान पहुंचाना। दंगाइयों ने कई सरकारी और सैन्य संस्थानों/ऑफिसों पर पत्थरबजी की थी और कुछ में तो आग भी लगाई थी। इसलिए पाकिस्तान सरकार सभी दंगाइयों के खिलाफ सैन्य मुकदमे के तहत सख्त एक्शन लेना चाहती है।
फिर कब होगी सुनवाई?
जानकारी के अनुसार दंगाइयों के खिलाफ याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट की एक बेंच आज, यानी कि 18 जुलाई को एक बार फिर सुनवाई करेगी।
यह भी पढ़ें- ताइवान के पास चीन ने किये 16 वॉरशिप्स और 73 फाइटर जेट्स तैनात, युद्ध का खतरा बढ़ा