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शांतिदूत का नकाब उतरा! पाकिस्तान के रास्ते ईरान तक पहुंचे चीनी हथियार, रिपोर्ट ने खोली पोल

Pakistan Iran China weapons: रिपोर्ट में खुलासा- पाकिस्तान ने ईरान को पहुंचाए 70 मिलियन डॉलर के चीनी एयर-डिफेंस सिस्टम, अमेरिका से मांगे 10 अरब डॉलर। जानें पूरा मामला
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Sep 15, 2026
Pakistan foreign policy double game
पाकिस्तान से ईरान को चीनी हथियारों की सप्लाई से मचा हड़कंप, Photo (IANS)

Pakistan Iran War Role: अमेरिका-ईरान तनाव के दौरान पाकिस्तान की भूमिका को लेकर एक नई रिपोर्ट ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कनाडा के थिंक-टैंक 'जियोपॉलिटिकल मॉनिटर' की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस्लामाबाद खुद को निष्पक्ष मध्यस्थ के रूप में पेश करता रहा है, जबकि उसके व्यावहारिक कदम इस दावे के उलट रहे हैं।

चीनी एयर-डिफेंस सिस्टम की सप्लाई बनी विवाद की जड़

रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान के रास्ते ईरान को लगभग 300 से 400 चीनी एयर-डिफेंस सिस्टम पहुंचाए गए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 70 मिलियन डॉलर बताई जा रही है। यह घटनाक्रम पाकिस्तान की तटस्थता को लेकर उठ रहे सवालों की कड़ी में सबसे ताजा और सबसे गंभीर मामला माना जा रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस तरह की मदद ईरान की सैन्य ताकत बढ़ाने के साथ-साथ संघर्ष को और लंबा खींचने में मददगार साबित हो सकती है, जबकि पाकिस्तान के नेता सार्वजनिक रूप से इसी युद्ध को खत्म कराने की कोशिश करने का दावा करते रहे हैं।

ईरानी विमानों को पनाह देने का भी आरोप

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि जिस दौरान पाकिस्तान युद्धविराम की मध्यस्थता करने का दावा कर रहा था, उसी दौरान उस पर नूर खान एयरबेस पर ईरानी सैन्य विमानों को शरण देने का आरोप भी लगा। हालांकि पाकिस्तान ने इस आरोप को खारिज करते हुए सफाई दी कि वे विमान अमेरिका के साथ शांति वार्ता से जुड़े राजनयिक कर्मियों को लेकर आए थे, लेकिन इस स्पष्टीकरण पर संदेह बरकरार है। विश्लेषकों का मानना है कि युद्ध से पहले भी ईरान अपने सैन्य साजो-सामान को हमलों से बचाने के लिए पड़ोसी देशों, खासकर अफगानिस्तान, का इस्तेमाल करता रहा है।

आर्थिक फायदे की तलाश में इस्लामाबाद?

रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान ने शांति प्रयासों के एवज में अमेरिका से अतिरिक्त 10 अरब डॉलर की मदद मांगी है, जबकि उसके प्रयासों से अब तक कोई ठोस समझौता नहीं हो सका है। यह रकम अमेरिकी ट्रेजरी के एक्सचेंज स्टेबलाइजेशन फंड से मांगी गई बताई जाती है, जिसका इस्तेमाल पहले अर्जेंटीना जैसे रणनीतिक सहयोगियों की मदद के लिए हो चुका है। रिपोर्ट का निष्कर्ष है कि पाकिस्तान के हालिया कदम क्षेत्रीय स्थिरता से ज़्यादा राजनीतिक-आर्थिक फायदे से प्रेरित नज़र आते हैं, जिससे उसे भरोसेमंद शांति-मध्यस्थ मानना मुश्किल हो गया है।

Updated on:
15 Sept 2026 11:55 pm
Published on:
15 Sept 2026 11:55 pm