
डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के अमेरिका (United States Of America) के राष्ट्रपति के तौर पर दूसरे कार्यकाल के दौरान पाकिस्तान (Pakistan) से संबंधों में मज़बूती आई है। ट्रंप के परिवार का क्रिप्टोकरेंसी बिज़नेस पाकिस्तान में चलना इसकी मुख्य वजह है। वहीं भारत (India) के खिलाफ जंग को रोकने के लिए पाकिस्तान की तरफ से ट्रंप को क्रेडिट देने से भी वह काफी खुश हो गए थे। भले ही दोनों देशों के संबंधों में मज़बूती आई है, लेकिन फिर भी अमेरिका के लिए पाकिस्तान एक बड़ा खतरा है।
अमेरिका की खुफिया एजेंसी की प्रमुख तुलसी गबार्ड (Tulsi Gabbard) ने कहा है कि उनके देश के लिए सबसे बड़े परमाणु खतरों (Nuclear Threats) में से एक पाकिस्तान है। उन्होंने ईरान, चीन, रूस और उत्तर कोरिया को उन देशों के रूप में भी नामित किया जो ऐसी क्षमताएं विकसित कर रहे हैं जो अमेरिका को खतरे में डाल सकती हैं। अगले 10 साल में ये देश ऐसी मिसाइलें बना सकते हैं जो अमेरिका तक पहुंचने में सक्षम हो।
तुलसी ने मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा कि रूस, चीन, उत्तर कोरिया, ईरान और पाकिस्तान ऐसे देश हैं जो लगातार नए और उन्नत मिसाइल सिस्टम विकसित कर रहे हैं। इन मिसाइलों में परमाणु और पारंपरिक दोनों तरह के हथियार ले जाने की क्षमता है। इन देशों की बढ़ती ताकत अमेरिका को सीधे निशाने पर ला सकती है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है।
गौर करने वाली बात है कि तुलसी ने मीडिया ब्रीफिंग के दौरान जिन देशों का ज़िक्र किया, उनमें पाकिस्तान के अलावा अन्य देशों से अमेरिका का तनाव चल रहा है। ईरान के खिलाफ अमेरिका इस समय युद्ध लड़ रहा है। रूस से भी लंबे समय से अमेरिका के तनावपूर्ण संबंध रहे हैं। चीन के साथ भी अमेरिका के संबंध तनावपूर्ण रहे हैं, जो किसी से छिपे नहीं हैं। वहीं उत्तर कोरिया और अमेरिका के बीच भी अच्छे संबंध नहीं हैं। ऐसे में पाकिस्तान की तुलना में अमेरिका को इन अन्य देशों से ज़्यादा खतरा है। इन देशों में अमेरिका के सबसे ज़्यादा नज़दीक रूस है। हालांकि इनमें से कोई भी देश अमेरिका पर हमला नहीं करेगा, लेकिन फिर भी खतरे को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।