
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने रविवार को दिवाली के अवसर पर पाकिस्तान सहित दुनियाभर के हिंदू समुदाय को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने पाकिस्तान में हिंदू समुदाय को देश की राष्ट्रीय पहचान का अभिन्न और महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। साथ ही धार्मिक सहिष्णुता, आपसी सद्भाव और सभी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करने की प्रतिबद्धता जताई।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शहबाज शरीफ का संदेश साझा किया। इसमें उन्होंने कहा कि दिवाली के इस पावन और शुभ अवसर पर दुनियाभर के हिंदू समुदाय, विशेष रुप से पाकिस्तान में रहने वाले लोगों को दिल से बधाई और शुभकामनाएं देता हूं।
शहबाज शरीफ ने अपने संदेश में कहा कि पाकिस्तान का हिंदू समुदाय देश की राष्ट्रीय पहचान का अभिन्न हिस्सा है। देश के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक विकास में उसका महत्वपूर्ण योगदान रहा है, जो सराहना के योग्य है। उन्होंने कहा कि समाज में मौजूद विभिन्न सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराएं एक मूल्यवान सामाजिक संपत्ति हैं। पाकिस्तान को अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक विविधता पर गर्व है। उन्होंने आगे कहा कि उनकी सरकार धर्म, आस्था, रंग या जातीयता के भेदभाव के बिना सभी नागरिकों के अधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। देश का सामूहिक संकल्प एक शांतिपूर्ण, समावेशी और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण करना है।
पाकिस्तान की प्रथम महिला आसिफा भुट्टो जरदारी ने भी दिवाली की शुभकामनाएं दीं। राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से एक्स पर साझा किए गए संदेश में उन्होंने कहा कि सिंध की बेटी होने के नाते यह त्योहार उनके दिल में विशेष स्थान रखता है।
उन्होंने कहा कि सिंध की प्रेम, मेहमाननवाजी और विभिन्न धर्मों के प्रति सम्मान की भावना उनकी विरासत का हिस्सा है। हिंदू समुदाय ने पीढ़ियों से यहां की संस्कृति को आकार देने, समाज को मजबूत बनाने और साझा परंपराओं को समृद्ध करने में योगदान दिया है। उनकी विरासत सिंध की पहचान और पाकिस्तान के राष्ट्रीय जीवन का अभिन्न हिस्सा है।
आसिफा भुट्टो ने अपनी मां और बेनजीर भुट्टो का जिक्र करते हुए कहा कि उनका विश्वास ऐसे पाकिस्तान में था, जो अपने सभी नागरिकों का समान रूप से हो। समानता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता आज भी उन्हें मार्गदर्शन देती है।
उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा है कि हर बच्चा, विशेषकर हर लड़की, यह महसूस करते हुए बड़ी हो कि उसके धर्म का सम्मान किया जाता है, उसके सपनों का महत्व है और उसका भविष्य उज्ज्वल है। आसिफा ने लोगों से अपील की कि वे दिवाली की खुशियां उन लोगों के साथ भी साझा करें, जो मुश्किल हालात से गुजर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिवाली की गर्मजोशी को दया, दोस्ती और एक-दूसरे की देखभाल के जरिए रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाना चाहिए।