
पाकिस्तान (Pakistan) के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Shehbaz Sharif) अगले हफ्ते ईरान (Iran) दौरे पर जाएंगे। मंगलवार को ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान (Masoud Pezeshkian) के एक दिवसीय पाकिस्तान दौरे के दौरान शरीफ ने जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए अपने ईरान दौरे की जानकारी दी और बताया कि वह राजधानी तेहरान का दौरा करेंगे।
ईरान-अमेरिका शांति समझौते के बाद पाकिस्तानी पीएम शरीफ का यह पहला ईरान दौरा है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दोनों देशों के बीच शांति समझौता कराने में मध्यस्थ के रूप में पाकिस्तान ने अहम भूमिका निभाई, जिसका क्रेडिट सिर्फ ईरान ही नहीं, बल्कि अमेरिका भी पाकिस्तान को देता है। शरीफ के साथ ही पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर (Asim Munir) भी लगातार अमेरिका और ईरान के संपर्क में बने रहे, जिससे दोनों देशों के बीच बातचीत बनी रहे और डील सुनिश्चित हो सके।
पाकिस्तानी पीएम शरीफ तेहरान में दिवंगत ईरानी सुप्रीम लीडर अली खामेनेई (Ali Khamenei) को श्रद्धांजलि भी देंगे। 28 फरवरी को जब अमेरिका और इज़रायल ने ईरान के खिलाफ युद्ध की शुरुआत की थी, तो उनके हमले में खामेनेई मारे गए थे। इसके बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर बनाया गया था।
पाकिस्तान और ईरान पड़ोसी देश तो हैं ही, साथ ही दोनों इस्लामिक मूल्य भी साझा करते हैं। दोनों देशों के बीच लंबे समय से मज़बूत संबंध रहे हैं। इसी वजह से ईरान के खिलाफ युद्ध को रोकने के लिए पाकिस्तान ने पूरी कोशिश की और इस कोशिश का ही परिणाम रहा कि मिडिल ईस्ट में शांति स्थापित हो सकी। शरीफ का तेहरान दौरा भी ईरान के प्रति पाकिस्तान के समर्थन को दर्शाता है।
ईरान और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय व्यापारिक संबंध भी हैं, जो मुख्य रूप से ऊर्जा पर आधारित है। ईरान पाकिस्तान को पेट्रोलियम गैस, रिफाइंड पेट्रोलियम, सूखे फल, खजूर और रसायन निर्यात करता है, जबकि पाकिस्तान चावल, तिलहन, मांस उत्पाद और कुछ वाहन ईरान को निर्यात करता है। दोनों देशों के बीच गैस पाइपलाइन परियोजना पर भी चर्चा चल रही है, जिससे द्विपक्षीय ऊर्जा सहयोग बढ़ सकता है। इससे क्षेत्रीय व्यापार को और मजबूती मिलेगी।