
डोनाल्ड ट्रंप(फोटो-IANS)
America-US war: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी कूटनीतिक समझ को लेकर बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने कहा कि सोमवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से 19 मिलियन बैरल तेल गुजरा, जो उनके मुताबिक एक रिकॉर्ड है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ईरान भविष्य में 'बहुत लंबे समय' तक उच्च स्तर के परमाणु निरीक्षण के लिए तैयार हो गया है। हालांकि, ईरान की ओर से इस दावे पर अलग रुख सामने आया है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल और व्हाइट हाउस में दिए बयानों में कहा कि अमेरिका ने इस समझ के जरिए दो अहम लक्ष्य हासिल किए हैं, पहला, होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खुला रखना ताकि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बाधित न हो, और दूसरा, यह सुनिश्चित करना कि ईरान कभी परमाणु हथियार न बना सके।
ट्रंप ने कहा कि सोमवार को होर्मुज से 19 मिलियन बैरल तेल निकला और यह अब तक का रिकॉर्ड है। उन्होंने इसे ईरान के साथ बनी नई कूटनीतिक समझ का असर बताया। ट्रंप के मुताबिक, इस समझ के बाद तेल की कीमतों में गिरावट आई है और दुनिया पहले से ज्यादा सुरक्षित हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान 'अनिश्चित समय' तक सबसे ऊंचे स्तर के परमाणु निरीक्षण के लिए सहमत हो गया है। ट्रंप ने यह दावा भी किया कि अमेरिका की ओर से जो धनराशि या प्रतिबंधों में राहत दी जा रही है, वह एस्क्रो व्यवस्था के तहत अमेरिकी नियंत्रण में रहेगी और उसका इस्तेमाल मुख्य रूप से अमेरिका से खाद्य और मेडिकल सप्लाई खरीदने के लिए किया जाएगा।
ट्रंप के दावे के समानांतर अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी कहा कि तेहरान संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी एजेंसी के निरीक्षकों को दोबारा देश में आने देने पर राजी हुआ है। वेंस ने स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक में हुई बातचीत के बाद कहा कि अंतिम समझौते के लिए 'अच्छी नींव' रखी गई है।
लेकिन ईरान की ओर से तस्वीर कुछ अलग पेश की गई। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माईल बाकेई ने कहा कि बातचीत में परमाणु मुद्दे पर केवल सीमित चर्चा हुई और किसी विस्तृत व्यवस्था पर बात नहीं हुई। इससे साफ है कि परमाणु निरीक्षण को लेकर वॉशिंगटन और तेहरान की सार्वजनिक व्याख्याओं में अंतर बना हुआ है।
ट्रंप ने कहा कि होर्मुज पूरी तरह खुला है और समुद्री व्यापार बिना रुकावट जारी है। उन्होंने इसे अमेरिकी रणनीति की बड़ी सफलता बताया। इसी के साथ अमेरिका ने ईरानी तेल शिपमेंट पर कुछ आर्थिक प्रतिबंधों में अस्थायी राहत दी है। रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिकी ट्रेजरी ने 60 दिन की छूट दी है, जिसके तहत ईरान को तेल बेचने और कुछ मानवीय जरूरतों से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों की अनुमति मिली है। ट्रंप ने यह भी कहा कि प्रतिबंधों से जुड़ी जो भी राहत या धनराशि जारी होगी, वह सीधे ईरान के स्वतंत्र इस्तेमाल में नहीं जाएगी, बल्कि एस्क्रो तंत्र के तहत नियंत्रित रहेगी।
अमेरिका और ईरान के बीच यह कूटनीतिक ट्रैक उस व्यापक तनाव को कम करने की कोशिश का हिस्सा है, जो हालिया सैन्य टकराव के बाद और बढ़ गया था। बातचीत का मुख्य फोकस ईरान की परमाणु संवर्धन क्षमता, क्षेत्रीय तनाव कम करना और होर्मुज जलडमरूमध्य में निर्बाध समुद्री आवाजाही बनाए रखना है।
वेंस ने कहा कि अभी अंतिम समझौता नहीं हुआ है, लेकिन आगे बढ़ने के लिए आधार तैयार हुआ है। दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने दावा किया कि तेल और पेट्रोकेमिकल निर्यात पर राहत, कुछ जमे हुए संपत्तियों की रिहाई और पुनर्निर्माण योजना जैसे कदम इस प्रक्रिया का हिस्सा बने हैं।
Published on:
23 Jun 2026 11:55 pm
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