पाकिस्तान के पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा में मंगलवार को दो आतंकी हमलों को अंजाम दिया गया। इन हमलों में सुरक्षाकर्मियों समेत 11 लोगों की जान चली गई।
पड़ोसी देश पाकिस्तान में एक दिन में दो बड़े आतंकी हमलों को अंजाम दिया गया। इन हमलों ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंगलवार को यहां पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा में दो हमले किए गए जिसमें सुरक्षाकर्मियों समेत 11 लोगों की जान चली गई। इसमें पहला हमला खैबर पख्तूनख्वा में हुआ जिसमें पुलिस के वाहन को निशाना बनाया गया। वहीं दूसरा हमला पंजाब में हुआ जिसे एक आत्मघाती विस्फोट के रूप में अंजाम दिया गया।
पहला हमला दिन में खैबर पख्तूनख्वा के कोहाट इलाके में हुआ था, जहां पुलिस के वाहन को निशाना बनाया गया। जानकारी के मुताबिक, हमलावरों ने सड़क किनारे लगाए गए बम के जरिए पुलिस वैन को उड़ा दिया। पाकिस्तानी गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने इस हमले में पांच पुलिसकर्मियों और 2 आम नागरिकों के मारे जाने की पुष्टि की है। यह इलाका लंबे समय से आतंकवादी गतिविधियों के लिए संवेदनशील माना जाता रहा है। सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र में तलाशी अभियान तेज कर दिया है और संदिग्धों की धरपकड़ जारी है।
दूसरा हमला पंजाब प्रांत के भक्कर जिले में स्थित दज्जाल इंटर-स्टेट चेक पोस्ट पर किया गया। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार हमलावर ने सुरक्षा बलों को निशाना बनाते हुए खुद को उड़ा लिया। इस हमले में कम से कम चार सुरक्षाकर्मियों के की मारे जाने की बात कही जा रही है। साथ ही कई सुरक्षाकर्मी गंभीर रूप से घायल भी हो गए, जिनका इलाज चल रहा है। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है जिसने आत्मघाती हमले की पुष्टि की है। यह विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास खड़े कई लोग इसकी चपेट में आ गए। अंसार-उल-इस्लाम नामक आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। खबरों की माने तो इस संगठन ने पहली बार इस तरह के किसी हमले की जिम्मेदारी ली है। इस हमले को अंजाम देने वाले व्यक्ति की पहचान अबू दर्दा के रूप में हुई है।
पाकिस्तान में हाल के महीनों में आतंकी घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है। विशेषकर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान जैसे प्रांतों में सुरक्षा बलों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि इन हमलों का मकसद क्षेत्र में अस्थिरता फैलाना और सरकार पर दबाव बनाना है। सरकार ने घटना की निंदा करते हुए दोषियों को कड़ी सजा देने का आश्वासन दिया है। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की बात कही गई है। इन हमलों ने एक बार फिर पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरी को उजागर कर दिया है।