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इजरायली सेना ने फिलिस्तीन में बंद किए 2 चेकपॉइंट, 104 टीचरों को स्कूल जाने से रोका

Israel-Palestine Conflict: वेस्ट बैंक में तनाव बढ़ने के बीच इजरायली सेना ने दो चेकपॉइंट बंद कर दिए। इससे कम से कम 104 शिक्षक अपने स्कूलों तक नहीं पहुंच सके।
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Sep 20, 2026
Israel-Palestine conflict (1)
इजरायल-फिलिस्तीन में बढ़ा तनाव फोटो में इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू (सोर्स-आईएएनएस)

Israel-Palestine Tensions: इजरायल और फिलिस्तीन के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। कब्जे वाले वेस्ट बैंक में इजरायली सेना ने कार्रवाई की। वफा न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इजरायली सेना ने वेस्ट बैंक में दो चेकपॉइंट बंद कर दिए, जिसके चलते कम से कम 104 शिक्षक अपने स्कूलों तक नहीं पहुंच सके। चेकपॉइंट बंद होने से शिक्षकों की आवाजाही प्रभावित हुई। कई लोगों को रास्ते में ही रोक दिया गया। बता दें यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब इजरायल और फिलिस्तीन के बीच तनाव लगातार चर्चा में है।

बता दें वेस्ट बैंक जॉर्डन नदी के पश्चिम में स्थित फिलिस्तीनी क्षेत्र है, जहां आवाजाही को लेकर चेकपॉइंट एक अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में इस घटना ने एक बार फिर आम लोगों, खासकर शिक्षकों और छात्रों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ने वाले असर को सामने ला दिया है।

भारत ने दिया फिलिस्तीन का साथ

बता दें हाल ही में भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास के समर्थन में वोट किया है। बता दें मामला उनके UN महासभा को संबोधित करने से जुड़ा है।

दरअसल, अमेरिका ने राष्ट्रपति अब्बास को न्यूयॉर्क आने के लिए वीजा देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद UN महासभा में अब्बास के वीडियो के जरिए संबोधन को मंजूरी देने के लिए प्रस्ताव लाया गया। प्रस्ताव को भारी बहुमत मिला। इसके पक्ष में 152 देशों ने वोट किया। अमेरिका, इजरायल और पैराग्वे ने विरोध में मतदान किया। चार देशों ने मतदान से दूरी बनाई। अब महमूद अब्बास वीडियो के जरिए महासभा को संबोधित करेंगे। यह लगातार दूसरा साल होगा, जब वह वीडियो के जरिए यूएन महासभा को संबोधित करेंगे।

इजरायल-फिलिस्तीन टू-स्टेट विवाद पर बढ़ी चिंता

बता दें सितंबर महीने की शुरुआत में यूके, फ्रांस और कनाडा ने इजरायल-फिलिस्तीन विवाद के टू-स्टेट समाधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। तीनों देशों के नेताओं ने संयुक्त बयान जारी किया। इसमें वेस्ट बैंक में इजरायली बस्तियों के विस्तार पर चिंता जताई गई। नेताओं ने कहा कि टू-स्टेट समाधान ही क्षेत्र में स्थायी शांति और सुरक्षा का रास्ता है। उन्होंने बस्तियों को इस प्रक्रिया के लिए गंभीर खतरा बताया। तीनों देशों ने E1 क्षेत्र में बस्ती विस्तार के फैसले की आलोचना की। उन्होंने बस्तियों से होने वाली हिंसा पर भी चिंता जताई। इसके साथ ही बस्तियों से आने वाले सामान के आयात पर रोक लगाने की बात कही गई। बस्तियों और उनसे जुड़े लोगों पर लक्षित कदम उठाने की भी घोषणा की गई। तीनों देशों ने सुरक्षित इजरायल और सुरक्षित फिलिस्तीन के साथ रहने के समर्थन की बात कही। वहीं, UN प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने दक्षिणी लेबनान में बढ़ती इजरायली सैन्य कार्रवाई पर चिंता जताई। UN के अनुसार, हमलों में आम लोग प्रभावित हुए हैं और मानवीय सहायता पर असर पड़ा है।

Updated on:
20 Sept 2026 02:24 pm
Published on:
20 Sept 2026 02:00 pm