
नई दिल्ली। 26/11 मुंबई आतंकी हमलों की पूर्व संध्या पर अमरीका ने पाकिस्तान को एक बार फिर चेताया है। अमरीका ने साफ शब्दों पाकिस्तान से कह दिया है कि जब तक पाकिस्तान आतंकीसंगठनों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं करता तब तक उसे अमरीका से सहयोग की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। पेंटागन ने पाकिस्तान से आतंकी संगठन खासकर लश्कर ए तैयबा के खिलाफ तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करने को कहा है।
सुरक्षित पनाहगाह मुहैया कराता है पाकिस्तान
पेंन टागन के प्रवक्ता और लेफ्टिनेंट कर्नल कोन फाल्कनर ने वियोन मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि पाकिस्तान में आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर अमरीका का दबाव पहले की तरह जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि लश्कर ए तैयबा के साथ हक्कानी नेटवर्क के खिलाफ भी पाक पीएम को सख्त कदम उठाने को कहा गया है। अफगानिस्तान में पेंटागन की भूमिका पर पूछे गए सवाल के जवाब में फल्कनर ने कहा कि अफगानिस्तान में शांति बहाली होने की स्थिति में सबसे ज्यादा लाभ पाकिस्तान को ही होगा। किसी भी देश के इतना लाभ नहीं होगा जितना पाकिस्तान को। पेंटागन के प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान को चाहिए कि वो तालिबानी नेताओं को बातचीत के टेबल पर लाने के लिए मजबूर करे। या फिर उनकी गिरफ्तारी में अमरीका की मदद करे।
नरमी की उम्मीद न करे इमरान सरकार
पेंटागन का यह बयान अमरीकी राष्ट्रपति के उस बयान के बाद आया है जिसमें डोनाल्ड ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में बताया था कि पाकिस्तान आतंकवादियों पर लगान कसने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठा रहा है। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को 9/11 के दोषियों को सुरक्षित पनाहगाह मुहैया कराने का भी आरेाप लगाया था। उनके इस बयान से साफ हो अमरीका आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान के साथ नरमी नहीं बरतेगा।