पेरू में पेड्रो कैस्टिलो को राष्ट्रपति पद से हटाने और नई सरकार के बनने के बाद से ही देश में उथल-पुथल की स्थिति पैदा हो गई है। इसी को देखते हुए पेरू की काँग्रेस ने एक बड़ा फैसला लिया है। क्या है यह फैसला? आइए जानते हैं।
पेरू (Peru) में देश के पूर्व राष्ट्रपति पेड्रो कैस्टिलो (Pedro Castillo) को राष्ट्रपति पद से हटाने के बाद से ही उथल-पुथल की स्थिति पैदा हो गई है। देश में पेड्रो कैस्टिलो के समर्थन में प्रदर्शन और दंगे भड़क गए। साथ ही पेड्रो कैस्टिलो की जगह बनाई गई नई राष्ट्रपति डीना बोलुआर्टे (Dina Boluarte), जो पहले देश की उपराष्ट्रपति थी। नई सरकार के बनते ही देश में हालात भी बिगड़ गए। देश में बिगड़े हालातों को देखते हुए ही देश की राष्ट्रपति ने संसद में एक प्रस्ताव पेश किया था। इस प्रस्ताव पर अब पेरू के लॉ मेकर्स और काँग्रेस ने भी मुहर लगा दी है।
क्या है फैसला?
पेरू की नई राष्ट्रपति डीना बोलुआर्टे ने देश में 2 साल पहले जनरल इलेक्शन कराने का बिल पेश किया था। उन्होंने यह यह बिल पेरू की काँग्रेस के सामने देश की संसद में पेश किया था। अब इस बिल पर देश के लॉ मेकर्स ने वोट करते हुए इसे मंज़ूरी दे दी है।
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कब होंगे जनरल इलेक्शन?
पेरू में जनरल इलेक्शन कराने के बिल पर देश की काँग्रेस ने वोट करते हुए इसे पास कर दिया है। पहले ये जनरल इलेक्शन जुलाई 2026 में होने वाले थे। अब फैसले के बाद ये जनरल इलेक्शन अप्रैल 2024 में होंगे। ये फैसला देश में स्थिति को सुधारने के लिए लिया गया है। पेरू में अब तक दंगों के चलते प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसा के चलते 26 लोगों की मौत हो चुकी है और 650 से ज़्यादा लोग घायल हो चुके हैं। हाल ही में पेरू के सुप्रीम कोर्ट ने पेड्रो कैस्टिलो की रिहाई की अपील ख़ारिज कर दी थी। इसके बाद पेड्रो कैस्टिलो को 18 महीने की जेल की सज़ा दे दी गई थी, जिसके बाद पेरू में स्थिति और बिगड़ गई है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए जनरल इलेक्शन को 2 साल पहले कराने के बिल को पास करने का फैसला लिया गया है।