पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा, कुआलालंपुर पहुंच गया हूं। एयरपोर्ट पर मेरे दोस्त, प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम द्वारा किए गए गर्मजोशी भरे स्वागत से मैं बहुत खुश हूं।
PM Modi arrives in Malaysia: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर मलेशिया पहुंच चुके हैं। 7-8 फरवरी 2026 को होने वाली इस यात्रा पर पीएम मोदी ने कुआलालंपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भव्य और गर्मजोशी भरा स्वागत प्राप्त किया। मलेशिया के प्रधानमंत्री दातो सेरी अनवर इब्राहिम ने व्यक्तिगत रूप से उनका स्वागत किया, जो दोनों देशों के बीच मजबूत दोस्ती और रणनीतिक साझेदारी का प्रतीक है। यह पीएम मोदी की 2015 के बाद मलेशिया की तीसरी यात्रा है और 2024 में स्थापित व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने का महत्वपूर्ण कदम है।
शनिवार को कुआलालंपुर पहुंचते ही पीएम मोदी का स्वागत मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम, मानव संसाधन मंत्री दातो रमणन रामकृष्णन और उप विदेश मंत्री दातो लुकानिस्मान बिन अवांग सौनी ने किया। स्वागत में भारतीय और मलेशियाई संस्कृति की झलक दिखाने वाला एक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। भारतीय समुदाय की महिलाओं ने क्लासिकल और पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत कर पीएम का जोशीला स्वागत किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने एक-दूसरे से गर्मजोशी से हाथ मिलाया और बातचीत की।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा, 'कुआलालंपुर पहुंच गया हूं। एयरपोर्ट पर मेरे दोस्त, प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम द्वारा किए गए गर्मजोशी भरे स्वागत से मैं बहुत खुश हूं। मैं हमारी बातचीत और भारत-मलेशिया के बीच दोस्ती के बंधन को और मजबूत करने के लिए उत्सुक हूं।'
यह यात्रा एक्ट ईस्ट पॉलिसी, इंडो-पैसिफिक विजन और विजन महासागर के तहत भारत की दक्षिण-पूर्व एशिया नीति का अहम हिस्सा है। दोनों प्रधानमंत्री रविवार को विस्तृत द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। मुख्य मुद्दों में शामिल हैं:
वार्ता के बाद कई MoU, MoC, EoN और EoL पर हस्ताक्षर होंगे, जो दोनों देशों के संस्थागत संबंधों को मजबूत करेंगे। पीएम मोदी भारतीय समुदाय से भी मिलेंगे और CEO फोरम में भाग लेंगे।
2024 में अनवर इब्राहिम की भारत यात्रा के बाद यह जवाबी दौरा है। दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक संबंध मजबूत हैं और यह यात्रा आर्थिक, रक्षा और सांस्कृतिक सहयोग को नई ऊंचाई देगी। मलेशिया में लगभग 30 लाख भारतीय मूल के लोग रहते हैं, जो दोनों देशों के बीच जीवंत सेतु हैं।