तारिक रहमान की अगुवाई वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने फरवरी 2026 के संसदीय चुनाव में भारी जीत हासिल की। रहमान अब प्रधानमंत्री बनने की ओर अग्रसर हैं, जो 17 वर्ष के निर्वासन के बाद वापसी के बाद ऐतिहासिक उलटफेर है।
तारिक रहमान की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने आम चुनाव में प्रचंड जीत दर्ज की है। अब माना जा रहा कि रहमान बांग्लादेश के अगले प्रधानमंत्री हो सकते हैं।
बीएनपी ने आम चुनाव में इस्लामी पार्टियों और स्टूडेंट लीडर्स के गठबंधन को आसानी से हरा दिया। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की इस अहम जीत से रहमान के लिए दक्षिण एशियाई देश के पहले लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए नेता बनने का रास्ता साफ हो गया है।
इस बीच, भारत ने पहले ही नई लीडरशिप के साथ जुड़ने की अपनी इच्छा का संकेत दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में रहमान को उनकी निर्णायक जीत के लिए औपचारिक रूप से बधाई दी। इसके साथ उन्होंने साथ मिलकर काम करने की इच्छा भी जताई।
इस बीच, एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। जनवरी में भारत के विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने ढाका में रहमान से मुलाकात की थी। वह पीएम मोदी का एक संदेश लेकर गए थे। जिसमें दोनों देशों के बीच रिश्तों में 'नई शुरुआत' की मांग की गई थी।
उस दौरान तो रहमान ने कोई जवाब नहीं दिया। बाद में उन्होंने TIME को दिए इंटरव्यू में भारत के साथ संबंधों में 'असंतुलन' ठीक करने और बांग्लादेश के हित पहले रखने की बात कही।
बता दें कि बांग्लादेश में हसीना की सरकार गिरने और नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में एक अंतरिम सरकार बनने के बाद से दोनों देशों के बीच रिश्ते तनावपूर्ण रहे हैं। एक दशक से ज्यादा समय तक, ढाका में भारत की विदेश नीति काफी हद तक हसीना की अवामी लीग पर टिकी रही।
अब 60 साल के रहमान को एक ऐसा देश विरासत में मिलने वाला है, जो महंगाई, कमजोर होती करेंसी और युवाओं में 14 प्रतिशत की चौंकाने वाली बेरोजगारी से जूझ रहा है।
बैड लोन से परेशान बैंकों और घटते विदेशी रिजर्व ने संकट को और गहरा कर दिया है, जबकि गारमेंट इंडस्ट्री भी उथल-पुथल से बुरी तरह प्रभावित हुई है। इस बीच, पार्टी के अंदर के लोगों का कहना है कि रहमान अपनी पार्टी को इस्लामी पॉलिटिकल ग्रुप्स से दूर रखना चाहते हैं।
वह ज्यूडिशियरी को मजबूत करके एग्जीक्यूटिव पावर पर लगाम लगाना चाहते हैं। यह एजेंडा उन स्टूडेंट लीडर्स से मेल खाता है जिन्होंने 2024 में पूर्व पीएम शेख हसीना को हटाने में अहम भूमिका निभाई थी, जो अब भारत में में रह रही हैं।
रहमान ने सोशल वेलफेयर पर कई पॉपुलर वादे किए हैं। जिसमें 50 लाख कम इनकम वाले परिवारों को हर महीने कैश देने वाला 'फैमिली कार्ड' शुरू करने और खेती-बाड़ी की सब्सिडी बढ़ाने का वादा भी शामिल है।